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बिलासपुर

मुख बाधिर स्कूल के छात्रों को दिया जा रहा है पानी जैसे दाल, कीड़े वाले सब्जियां, अधपकी चावल, छात्रों ने की कलेक्टर से शिकायत, कलेक्टर ने स्वय स्कूल आ कर अवस्थाओं को देखने की बात कही।

बिलासपुर। शासकीय दृष्टि एवम श्रवण बाधितार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,तिफरा बिलासपुर के बच्चों ने आज स्कूल में व्याप्त अव्यवस्थाओ को लेकर कलेक्टर अवनीश शरण से मिले।

शिक्षा के अधिकार के तहत दृष्टि बाधित बच्चों को मिलने वाले स्कूल में सुविधाये भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई है। अधिकारी आज इस तरह भ्रष्ट हो चुके है कि मानवता ही भूल गए है। जहा लोग मूक बाधिर बच्चो को मद्दत और सेवा कर पुण्य की भागीदारी बन रहे है। वही शासकीय सेवा में रत कुछ अधिकारी इन मूक बाधिर छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं का पैसा डकार कर इनको नरक की जिंदगी जीने को मजबूर कर रहे है।

आज एसे ही मुख बाधिर विद्यालय तिफरा में पढ़ने वाले छात्रों ने स्कूल में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनिमित्ता व अव्यवस्थाओं की शिकायत को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। और कलेक्टर से मिलकर स्कूल प्रबंधन के मनमानी के खिलाफ शिकायत की। ।

बच्चों ने कलेक्टर अवनीश शरण से शिकायत करते हुए बताया है कि शासकीय दृष्टि एवम श्रवण बाधितार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिफरा के प्रबंधन के द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। यहां के डी के गौतम एवम डीके चंद्रा जो की वार्डन तथा प्राचार्य हैं । इनके द्वारा छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हुए यहां पढ़ने वाले छात्रों का हक छीना जा रहा है।

छात्रों ने बताया कि बच्चों के लिए जो भोजन बनाए जाते है उसमें सब्जियों में कीड़े रहते हैं ,दाल पानी की तरह दिया जाता है, तथा चावल सही ढंग से पकाया नहीं जाता है,नाश्ते में थोड़ी देरी से पहुंचे वाले छात्रों को नाश्ता नही दिया जाता है। खाने का स्तर इतना खराब होता है कि बच्चे भर पेट भोजन भी नहीं कर पाते है। उनका स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है।

छात्रों ने बताया कि विगत दिनों इन मामले को लेकर संयुक्त संचालक मैथ्यू मैडम से भी शिकायत की गई थी लेकिन बच्चों की बात को उन्होंने अनसुनी कर दी। जिस तरह स्कूल में अव्यवस्थाओं का आलम है उससे बच्चे बहुत परेशान है। स्कूल में भोजन के मापदंड का पालन सही तरह से नहीं किया जा रहा है। छात्र बहुत तंग एवम परेशान है।

अंध मुख बाधिर स्कूल के बच्चों ने कलेक्टर को अपना आवेदन ब्रेन लिपि में सौपा। लेकिन जब कलेक्टर ब्रेनलिपी नही समझ पाए तो छात्रों ने अपना आवेदन कलेक्टर को पढ़कर सुनाया। जिसके बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा है कि कि वे स्वयं वहां की व्यवस्था देखने के लिए स्कूल आएंगे।