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बिलासपुर

“पायल एक नया सवेरा वेलफेयर फाउंडेशन” तथा एनजीओ “साथी हाथ बढ़ाना” सयुक्त रूप से मिलकर 50 बच्चियों का सवारेंगे भविष्य , एकाकी जीवन जी रहे महिला की बच्चियों को पहली प्राथमिकता, प्रतिभावान बच्चियों को मिलेगा अपने सपने साकार करने का सुनहरा अवसर, चयनित छात्राओं को 6 से 12 वी तक की पढ़ाई का पूरा खर्चा करेगी संस्था वहन

बिलासपुर। “पायल एक नया सवेरा वेलफेयर फाउंडेशन” तथा “साथी हाथ बढ़ाना” एनजीओ द्वारा सयुक्त रूप से शहर के प्रतिभावान जरूरतमंद परिवारों के 50 बच्चियों का भविष्य संवारने का बीड़ा उठाया गया है।

दोनों संस्थाओं के द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर की जा रही इस प्रोजेक्ट का नाम ” ज्ञान सपनों की उडान” रखा गया है। जिसके तहत ये संस्थाएं गरीब जरूरतमंद परिवारों के प्रतिभावान बच्चो का भविष्य संवारने में उनकी हर प्रकार से ये मद्दत करने का कार्य करेंगी। ये संस्था बच्चो के एडमिशन से लेकर उनके किताबे ,पुस्तके,ड्रेस आदि सभी चीजों में उनकी हर तरह से मददत् करेंगे।

पायल एक नया सवेरा फाउंडेशन की फाउंडर/अध्यक्ष पायल लाठ ने इस प्रोजेक्टर के संबंध में आज बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि आज शिक्षा के प्रचार प्रसार से सभी बालक बालिकायें,अच्छी नौकरियां, गीत संगीत, खेल व्यापार के क्षेत्र में अपना सुनहरे भविष्य संवारने का सपना देखती हैं । लेकिन कुछ बच्चियां प्रतिभावान होने के बावजूद भी अपनी घरेलू आर्थिक परेशानियों के चलते अपने सपनो को साकार नही कर पाती है। हमारा प्रयास है की हम उन प्रतिभावान बच्चीयों के सपनो को साकार करने में उनकी कुछ मद्दे कर सके।

श्रीमती लाठ ने बताया कि ” ज्ञान सपनों की उड़ान पोजेक्ट” के तहत हमने निर्णय लिया है कि सत्र 2024-25 में पांचवी कक्षा पास कर छठवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली 50 बालिकाओं को चयनित कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। यह छात्राएं कक्षा छठवीं से 12वीं तक 7 वर्ष हमारे दवारा उपलब्ध विशेष प्रशिक्षण उचित संसाधनों मार्गदर्शन आर्थिक सहायता प्राप्त करेगी ताकि उनके सपनों की उड़ान पूरी हो इस प्रोजेक्ट ज्ञान सपनों की उड़ान के तहत प्रतिभाशाली 50 बालिकाओं का चयन समाज के उस वर्ग के परिवार से प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा । जहां किसी भी कारण से एकाकी महिला अपनी बच्चियों का भरण पोषण कर रही है या परिवार का पुरुष गंभीर बीमारी विकलांगता का शिकार है तथा उन्हें आर्थिक रूप से बच्चों की परिवेश हेतु सहायता की आवश्यकता हो। चयन हेतु बालिकाओं की प्रतिभा उनके चयन की पहली प्राथमिकता होगी।

इस प्रोजेक्ट ज्ञान सपनों की उड़ान की नई सोच को पूरा करने हेतु शहर के 70 वर्ष पुराने ख्याति प्राप्त स्कूल राष्ट्रीय पाठशाला का चयन किया गया है। सन 1954 में प्रारंभ स्कूल से शिक्षा मार्गदर्शन प्राप्त छात्र-छात्राएं देश विदेश में इसका नाम रोशन किया है।

सत्र 2024 25 से ज्ञान सपनों की उड़ान हेतु चयनित कक्षा छठवीं की 50 छात्रों का प्रवेश राष्ट्र‌भाषा में किया जाएगा तथा इस प्रोजेक्ट के संचालन हेतु गठित सलाहकार समिति जिसमें अनुभवी शिक्षाविद शामिल होंगे।

यह भी ध्यान रखा जाएगा कि सामान्य पाठ्यक्रम की शिक्षा के साथ इन प्रतिभावान छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण हेतु हिंदी, अंग्रेजी भाषा में अध्यन के साथ उनकी अभिरुचि के अनुसार नृत्य, संगीत ,खेलकूद, जूडो कराटे, योग, ध्यान आदि की शिक्षा भी उन्हें दी जाए।

शिक्षा सत्र 2024 – 25 में छठी कक्षा से इन छात्राओं की भर्ती चयन प्रक्रिया के द्वारा की जावेंगी। जो अकेली माताएं हैं जिन्हें अपनी बच्ची का एडमिशन करवाना है। वह सर्व मंगल ट्रेड लिंक इंदू चौक सन बैटरीज के बाजू में जाकर फॉर्म भरकर जमा कर सकती हैं उन्हें उनकी जरूरत एवं प्रतिभा के आधार पर चयनित किया जाएगा।

एनजीओ “साथी हाथ बढ़ाना” की शीलू अग्रवाल व सुनीता अग्रवाल ने बताया कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है जिसके लिए फंड भी पर्याप्त मात्रा में लगेगा। उसी को ध्यान में रखते हुए। एक मिनी मैराथन का आयोजन कराया जा रहा है। जो 25 फरवरी को सीएमडी कॉलेज ग्राउंड से जिसमें विभिन्न तरह के प्राइज भी दिए जाएंगे । जिसके तहत जो फंड रेस होगा उसे इन बच्चियों के शिक्षा में लगाया जाएगा।

उन्होंने सभी से अनुरोध करते हुए कहा कि इस मैराथन में आप सभी ज्यादा से ज्यादा संख्या में आ कर इस आयोजन को सफल बनाने में हमारी मदद करें ।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन 50 बच्चों में से अगर कोई व्यक्ति इनमे से कोई एक बच्चों को अडॉप्ट कर उनकी मद्दत करना चाहते है तो वह उनकी संस्था से संपर्क कर मद्दत कर सकते हैं।

प्रेसवार्ता के दौरान पायल एक नया सवेरा की फाउंडर /अध्यक्ष श्रीमती पायल शब्द लाठ, उपाध्यक्ष चंचल सलूजा एवं श्रीमती स्वाति अग्रवाल,उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता अग्रवाल, साथी हाथ बढ़ाना एनजीओ की कोषाध्यक्ष शीलू अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।