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बिलासपुर

ओबीसी महासभा के द्वारा अपनी विभिन्न मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम विधायक अमर अग्रवाल को सौपा गया ज्ञापन

बिलासपुर। ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष सुनील यादव के द्वारा आज मुख्यमंत्री के नाम विधायक अमर अग्रवाल को पिछड़ा वर्ग की 22 सूत्रीय मांगो को लेकर एक ज्ञापन सौपा गया।

इस दौरान ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि ओबीसी समाज के द्वारा अलग-अलग बिन्दुओं पर विगत तीन वर्षों से प्रतिमाह ज्ञापन कलेक्टर / एसडीएम/तहसीलदार के माध्यम से छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों में महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री आदि के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, किंतु आज पर्यंत राष्ट्रीय जनगणना एवं 2 दिसंबर 2022 को पारित आरक्षण संशोधन विधेयक में महामहिम राज्यपाल के हस्ताक्षर जैसे ज्वलंत समस्याएं यथावत बनी हुई है। अतः ओबीसी के हित संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही हेतु बिंदुवार ज्ञापन निम्नानुसार प्रेषित है :-

1. 2021 की लंबित राष्ट्रीय जनगणना शीघ्र की जाए, जिसमें ओबीसी के लिए पृथक से कोड नंबर निर्धारित हो। उक्त आशय का प्रस्ताव केंद्र सरकार को अविलंब भेजे जाने का अनुरोध है ।

2. ओबीसी समुदाय को आबादी के बराबर समानुपातिक संवैधानिक प्रतिनिधित्व (आरक्षण) कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका, मीडिया एवं सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के सभी उपक्रमों में प्रदान किए जाने का अनुरोध है। इस आशय का प्रस्ताव केंद्र सरकार को अविलंब भेजी जाए ।

3. विगत 30 वर्षों से लंबित 27 प्रतिशत आरक्षण राज्य में अविलंब लागू किए जाने एवं उक्त अवधि का बैकलॉग नियुक्तियां प्रदान किए जाने का अनुरोध है। तत्कालीन छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 2 दिसंबर 2022 को पारित आरक्षण संशोधन विधेयक पर महामहिम राज्यपाल का हस्ताक्षर किए जाने हेतु आवश्यक पहल शासन स्तर पर किए जाने का अनुरोध है। हाल ही में छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर जिला रायपुर के अधिसूचना 26 अप्रैल 2024 को गठित स्थाई समिति का काल अवधि दो वर्ष किया जाना महज खानापूर्ति प्रतीत होता है, जिससे ओबीसी समुदाय को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा। अतः लंबित 27 प्रतिशत आरक्षण मानसून सत्र के दौरान लागू किए जाने का अनुरोध है।

4. मंडल कमीशन की सभी अनुशंसाओं को पूर्णतः लागू किए जाने बाबत् प्रस्ताव केंद्र सरकार को अति शीघ्र भेजे जाने का अनुरोध है।

5. ओबीसी आरक्षण में लागू क्रीमीलेयर के असंवैधानिक शर्तों को समाप्त किए जाने का अनुरोध है, क्योंकि क्रीमीलेयर की अवधारणा परिवार एवं समाज के लिए विघटनकारी बन गया है। अतः क्रीमी लेयर की बाध्यता को समाप्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को अविलंब भेजी जाए।

6. 27 प्रतिशत आरक्षण को देश के सभी राज्यों में समान रूप से लागू किया जावे तथा भारत सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण को अध्यादेश पारित कर संविधान की नवमी अनुसूची में शामिल किया जावे। उक्ताशय का प्रस्ताव केंद्र सरकार को अविलंब भेजे जाने का अनुरोध है।

7. प्रदेश की राजधानी रायपुर में ओबीसी महासभा के लिए कम से कम 5 एकड़ भूमि आवंटित कर भवन निर्माण हेतु राशि के जारी किए जाने का अनुरोध है। साथ ही प्रत्येक जिला मुख्यालयों में ओबीसी महासभा के लिए भूमि एवं भवन आबंटित किए जाने का अनुरोध है।

8. सभी जिला एवं तहसील मुख्यालय में ओबीसी के लिए सर्वसुविधा युक्त पोस्ट मैट्रिक एवं प्री मैट्रिक छात्रावास का प्रावधान किए जाने का अनुरोध है ।

9. उच्च शिक्षा विभाग में भर्ती एवं पदोन्नति में धांधली की जांच कर दोषियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्यवाही की जाए।

10. राज्य छात्रवृत्ति में विसंगतियों को दूर करते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की भांति समान शर्तों एवं दरों पर ओबीसी को भी छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने का अनुरोध है।

11. छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। अतः राज्य अंतर्गत संचालित समस्त शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कृषि संकाय अनिवार्य रूप से संचालित किए जाने का अनुरोध है।

12. पांचवी अनुसूची क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, नगरी निकाय चुनाव में ओबीसी समुदाय के लिए आबादी के बराबर सीट आरक्षित किया जाए, ताकि वहां निवासरत ओबीसी समुदाय को भी पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, निकाय अध्यक्ष बनने का समुचित अवसर मिल सके।

13. सामाजिक प्रास्थितिक (ओबीसी) प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरलीकरण किये जाने ‘का अनुरोध है।

14. ओबीसी की समुचित विकास एवं उत्थान के लिए प्रचलित आरक्षण के बराबर राज्य की बजट में प्रावधान किए जाने का अनुरोध है ।

15. देश के कर्नाटक, केरल, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों में पृथक से पिछड़ा वर्ग विभाग संचालित है। छत्तीसगढ़ राज्य में ओबीसी संबंधी योजना एवं जन कल्याणकारी कार्यक्रम आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही है, जिससे ओबीसी की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा सका है। छत्तीसगढ़ राज्य में बहुसंख्यक ओबीसी समुदाय के लिए पृथक से विभाग स्थापित किए जाने का अनुरोध है।

एट्रोसिटी एक्ट अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की भांति अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी लागू किए जाने का अनुरोध है।

17. छत्तीसगढ़ ओबीसी बाहुल्य होने के बाद भी राज्य में ओबीसी के छात्र-छात्राओं की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने वाले विद्यालयों की बहुत कमी है। राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए खेल प्रतिभा प्रोत्साहन देने हेतु संचालित क्रीड़ा परिषद की तर्ज पर अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु नवीन क्रीड़ा परिषद संचालित किए जाने का अनुरोध है।

18. केंद्र सरकार की उपक्रम भिलाई स्टील प्लांट, बचेली जैसे अन्य प्लांट में कार्यरत ठेका कर्मियों को केंद्र सरकार की निर्धारित वेतन के स्थान पर प्रदेश की निर्धारित वेतन मिलती है. जो कि वहां कार्यरत कर्मियों के साथ अन्याय है। इसलिए केंद्र सरकार के उपक्रम में ठेका कर्मियों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दिए जाने का अनुरोध है।

19. किसानों के लिए पर्याप्त खाद बीज की उपलब्धता समय पूर्व किए जाने का अनुरोध है क्योंकि हर वर्ष प्रदेश की किसानों को समुचित खाद बीज के लिए भटकना पड़ता है।

20. आंध्रप्रदेश सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य में भी राज्य प्रशासनिक सेवा के पदों पर साक्षात्कार की प्रक्रिया को पूर्णतः बंद किए जाने का अनुरोध है।

21.शिक्षा विभाग में कई वर्षों से लंबित प्राचार्य पदोन्नति शीघ्र की जाए। इस आशय का मीडिया प्रभारी निर्देश विभागीय मंत्री एवं सचिव को जारी किए जाने का अनुरोध है।

22. केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 117 रुपए की वृद्धि की है। अतः राज्य सरकार द्वारा नवंबर माह में धान को 3217 रुपए समर्थन मूल्य पर खरीदी किए जाने का निवेदन है।

उपरोक्त बिंदुओं पर त्वरित कार्यवाही कर ओबीसी समाज को सामाजिक न्याय प्रदान कर समता मूलक समाज की स्थापना में महती योगदान प्रदान करने की कृपा करेंगे।