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बिलासपुर

सीएसपी स्व निमेष बरगैया को समाज के सभी वर्गों के लोगो ने दी नम आंखों से श्रद्धांजलि

बिलासपुर। सीएसपी स्व निमेष बरगैया को आज शहर के एक निजी होटल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शहर के सभी वर्गों के लोगो ने अपनी नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित किया।

इस श्रद्धांजलि सभा में सभी लोगो ने उसके तेल चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण किया और उनके आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

इस दौरान अति पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप ने कहा कि जगदलपुर में ड्यूट के दौरा उनकी उनसे पहली मुलाकात हुई थी । फिर बिलासपुर में जब वे एएसपी थे तब निमेष कोतवाली सीएसपी के रूप में उनके अंडर काम कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि वे अपने कामों को लेकर बहुत जुनूनी हुआ करते थे । जब तक वह काम पूरा नही कर लेते थे। वह खाना- पीना सब भूल जाया करते थे। उसका अंदाज हमेशा हसी ,मसखरा भरा होता था लेकिन अपने कामों को लेकर वह उतना ही गंभीर रहते थे। मुझे वह अपना बड़ा भाई की तरह मानता था मैं भी उसे अपना छोटा भाई की तरह ही ट्रीट करता था। हमारे बीच सीनियर जूनियर वाली कोई बात नही थी । आज उसके चले जाने का यकीन नही हो पा रहा। यह मेरी व्यक्तिगत क्षति है मैने अपना बहुत अच्छा भाई, दोस्त और साथी को हमेशा के लिए खो दिया।

एआईजी दीपमाला कश्यप ने कहा कि वह मेरा छोटा भाई ही था । हाल ही में 16 जुलाई को घर आया था। उसकी आदत थी हमेशा बोलता था मुझे ये खाना है मुझे वो खाना है।और खाने की जिद करता था। वही एक अधिकारी के रूप में बहुत दबंग अधिकारियों में उनका नाम आता है।

उन्होंने बहुत भावुक हो कर कहा कि उनकी बीमारी का हमे तब पता चला जब वह हॉस्पिटलाइज हो गए। हमे कुछ करने का मौका ही नही मिला । 20 जुलाई की रात हम सब मिलकर उमेश के लिए कुछ सरप्राईज प्लान किये थे। उस दौरान भी उसकी तबियत खराब थी। लेकिन वह किसी को अहसास होने नही दिया। वो मुझे अपनी दीदी मानता था। मौत के पहले 3 – 4 बार उससे बात हुई लेकिन उनकी बातो में कोई दर्द महसूस हुआ ही नही। निमेष को अब शायद ही कोई भूल पाएगा। उसमे अपनत्व की भावना थी। वे सदेव हमारे भीतर जीवित रहेंगे।

डीएसपी रोशन आहूजा ने कहा कि उन्होंने कोविड के समय सबसे ज्यादा हम लोगो की मदतत की। लेकिन आज जब उनको हमारी मददत की जरूर थी हम नही कर सके। इसका हमेशा अफसोस रहेगा।

निमेष के मित्र रजनीश तिवारी ने कहा कि मैं हमेशा उनके साथ एक मित्र की तरह रहा। वो मुझे अपने जीवन की हर एक बात बतलाते थे लेकिन अफसोस की बात अपनी इस बीमारी की बात मुझे अंतिम समय तक छुपाए रखा। उस दिन बलरामपुर से रायपुर आते समय रास्ते में 3 से 4 बार उनको ब्लड की ओमेटिंग हुई। रायपुर हॉस्पिटल पहुंचे ही उन्हे आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। हमारे पास कोई चॉइस नही थी। पूरा डिपार्टमेंट दोस्त सब संपर्क में थे। 3 दिनो तक आईसीयू में मैं उनके साथ रहा लेकिन नही बचा पाए। काफी उनको दर्द था लेकिन उन्होंने किसी को वो अहसान नही होने दिया। उसे मेरे जीवन में कभी भुलाया नही जा सकता।

बिलासपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवाई ने कहा कि हमारा जीवन और मृत्यु तो पहले से तय है लेकिन इस बीच हम क्या करते है यह बहुत मायने रखता है,सुख में तो सभी साथ देते है लेकिन वे मुसीबत में साथ देने वाले लोगो में से एक थे। उनसे भाई जैसा संबध रहा, हम उन्हे कभी नही भुला पाएंगे।

थाना प्रभारी सानिप रात्रे ने कहा कि वह प्यार से मुझे छोटे बुलाते थे। बहुत ही दिलेर थे अपने छोटे कर्मचारियों के प्रति उनका सहयोगात्मक व्यवहार था।

Inh टीवी के संभागीय प्रमुख संदीप कटिहार ने कहा कि पत्रकारों से उनका दोस्ताना संबंध रहा, उनको हम कभी भुला नही पाएंगे।

IBC 24 के रिपोर्टर जितेंद्र थवाईत ने कहा कि मै उनके बहुत करीब रहा,वे हरफन मौला अंदाज एवम जिंदादिली इंसान थे,उनकी स्मृति अपनापन हमारे दिलो में हमेशा बनी रहेगी।

इस दौरान अति पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, एआईजी दीपमाला कश्यप, डीएसपी रोशन आहूजा, रजनीश तिवारी , तिलक राज सलूजा , वीरेंद्र गहवाई , रमन दुबे, रवि शुक्ला, जितेंद्र थवाईत,संदीप करिहार, शिव तिवारी, ललित गोपाल,संतोष मिश्रा,नरेंद्र लूनिया, रोशन वैद्य, अप्पू शुक्ला, पवन सोनी, सतीश मिश्रा, अरविंद मिश्रा,अनुरुद्ध, संतोष श्रीवास, अमन सिंह, प्रकाश, राकेश खरे,गोलू कश्यप, गोपाल, राजू सलूजा, चंचल सलूजा एवम सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी संघ, पत्रकार, विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुज शुक्ला ने किया।