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बिलासपुरराजनीति

•पूर्व विधायक शैलेष पांडेय के साथ कांग्रेस की टीम कोटा जाकर मृतक बच्चो के परिजनों से मिले • बीजेपी अमृत काल की बात करती है वही बीजेपी की सरकार टीकाकरण में विष दे रही है : शैलेष पांडेय

बिलासपुर।  विगत कुछ दिनों पूर्व स्वास्थ्य विभाग कि कर्मचारी द्वारा बड़ी लापरवाही देखने को मिला है. जिसमे की कोटा क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत पर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र मे टीका लगने के बाद 2 बच्चों की मौत हो चुकी है. बताया जाता है कि कुल 7 बच्चों को टीका लगाया गया था. जिसमें से अब तक 2 बच्चों की जान जा चुकी है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बाकी पांच बच्चों को ऑब्जरवेशन के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है.वही इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कम मचा हुआ है.

आपको बता दे कि कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पटैता कोरीपारा मे आंगनबाड़ी केंद्र पर टीका लगाने से डेढ़ माह एवं 2 दिन के बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. और कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई. टीकाकरण के बाद हुए मैडम दो बच्चो की मौत के बाद अब टीकाकरण कवने वालो में डर कायम हो गया है,वही क्षेत्र के लोगो में स्वास्थ्य विभाग के प्रति बड़ा आक्रोश देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी इस घटना से स्तब्ध प्रदेश स्तरीय जांच कमेटी भेज कर इस पूरे घटना की जांच करा रही है।

वही इस मामले को लेकर विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। कांग्रेस की एक डेलीगेट्स भी आज गांव जाकर मृतक मासूम बच्चों के परिजनों से भी मिले और बीजेपी सरकार पर खूब बरसे।

पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने भी इस घटना पर बीजेपी सरकार की घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जांच समिति के 5 सदस्य आज कोटा गांव के पटेता गांव गए थे। कल पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिहदेव जी ने भी हॉस्पिटल जाकर भर्ती बच्चो से मिले।

उन्होंने कहा कि आज हमने कोटा जा कर बच्चो के परिजनों से बात की।  परिजनों में एक गंधर्व परिवार का बच्चा था तो दूसरा मानिकपुरी परिवार का बच्चा था। मानिकपुरी अरिवार का बच्चा दो महीने का था जिसका वजन लगभग 7 किलो का था वही गंधर्व परिवार का बच्चा 2 दिन का था जिसका वजन 2 किलो 700 ग्राम का था। दोनों बच्चे स्वास्थ्य अवस्था में थे। जिन्हे बीसीजी एवम पेंटा का टीका लगाया गया था। टीका लगाने के कुछ ही घंटो के बाद उनकी तबियत खराब हो गई, शरीर नीला पड़ने लगा,आनन फानन में उसे प्राथमिक स्वस्थ केंद्र ले कर पहुंचे। जहां घोर लापरवाही की गई । उनके बच्चो का ठीक से इलाज नही किया गया। बच्चो की कुछ ही घंटो में मौत हो गई। इसकी लिखित शिकायत भी बच्चों के परिजनों ने की है।

श्री पांडेय ने कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि उसमे एक परिवार में 10 साल बाद कोई बच्चा हुआ था। वो भी इस टीकाकरण से मौत हो गई। बीजेपी आज अमृत काल की बात करती है वही बीजेपी की सरकार टीकाकरण में विष दे रही है। ये स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही है।

उन्होंने कहा कि यहां के बीएमओ ने खुद कहा की यहां पोस्टेड सारे डॉक्टर अटैचमेंट करवाकर बिलासपुर में नौकरी कर रहे है। कोटा में अगर इनकी पोस्टिंग हुई होती और वे डॉक्टर यहां मौजूद होते तो शायद यह दुर्भाग्य पूर्ण घटना घटित नही हुई होती। यह एक बड़ा सवाल शासन से है।