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बिलासपुर

जनजातीय समाज को बदलने के लिए दृष्टी की आवश्यकता : मिंज



बिलासपुर। स्थानीय डी.पी. विप्र महाविद्यालय में शनिवार को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रीय गौरव, वीरता और आतिथ्य के भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने तथा आदिवासियों के प्रयासों को मान्यता देने जनजाति गौरव विषय पर व्याख्यान माला कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिसके मुख्य अतिथि दिलमन रति मिंज शासकीय अधिवक्ता, माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर, विशिष्ट अतिथि गणेशराम साहू, बिलासपुर विभाग प्रचारक, जितेन्द्र धु्रव, डाॅ. के. के. भण्डारी, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर प्राचार्य डाॅ. एम.एस. तम्बोली उपस्थित रहे।

दिलमन रति मिंज ने कहा कि जनजाति समाज को समझने के लिए हमें अपने दृष्टि बदलने की आवश्यकता है। किसी भी समाज को समझने के लिए उनकी सामाजिक व्यवस्था को समझना होगा तभी हम सही अर्थों में उनका मूल्यांकन कर पायेंगे। इसी तारतम्य में उन्होंने भारत में निवासरत विभिन्न जनजातियों के सांस्कृतिक विरासत एवं उनके उदाहरण प्रस्तुत किये।

गणेश राम साहू ने कहा कि वास्तव में यह कार्यक्रम भारतीय परंपरा, संस्कृति और विरासत को पुर्नव्याख्यायित करने के उद्देश्य से किया गया था। जनजाति समाज का भारतीय परंपरा एवं विरासत का संरक्षण करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। न्याय के हित में अपना सर्वस्व बलिदान देने वाले वीर बलिदानी बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया।

जितेन्द्र धु्रव ने कहा कि संपूर्ण विश्व में यदि सबसे संतोषी जीवन शैली यदि किसी समाज का है तो वह जनजाति समाज का है, आज पूरा विश्व जिस भौतिक एवं आत्मिक संपदा को प्राप्त करने के होड़ में विकास के नाम पर विनाश की ओर अग्रसर है ऐसे में जनजाति समाज से शिक्षा लेने की आवश्यकता है।

डाॅ. के.के. भण्डारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा जगत के माध्यम से जनजाति गौरव ऊपर उठाने का कर्तव्य संपूर्ण सभ्य एवं शिक्षित समाज का है। स्वागत उदबोधन प्रभारी प्रिंसिपल डाॅ. एम.एस. तम्बोली ने वीर बलिदानी बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित जनजाति गौरव व्याख्यान माला में उपस्थित अतिथियों एवं विद्वतजनों का स्वागत किया।


इस कार्यक्रम की सफलता पर प्रशासन समिति के अध्यक्ष श्री अनुराग शुक्ला एवं प्राचार्य डाॅ. (श्रीमती) अंजू शुक्ला ने बहुत-बहुत बधाई दी। भारतीय गौरव को पुर्नस्थापित करने में महाविद्यालय इस प्रकार के ज्ञान वर्धक कार्यक्रम करते रहने की आशा की। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. आभा तिवारी एवं आभार प्रदर्शन डाॅ. सुनीता यादव, विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान ने किया।

कार्यक्रम में अविनाश सेठी, वीरेन्द्र साहू, जित्तू ठाकुर, गोविन्द सेठी, शिवा गेंदले,  चित्रकांत निरडवार, विकास सिंह, मनीष मिश्रा, उमेश साहू, बृजेश बोले, बलराम जायसवाल, हिमेश साहू, मनोज मेंसराम, अरूण नथानी, यश मिरानी, सुरेन्द्र अहिरवार,  राज वर्मा, यजूर तिवारी, डॉ. मनीष तिवारी, डॉ. विवेक अम्बलर, डॉ. एम.एल. जायसवाल, प्रो.ए.श्रीराम, डॉ. सुषमा शर्मा, डाॅ. शिखा पहारे, प्रो. तोषिमा मिश्रा, प्रो. निधीश चैबे, डाॅ. स्मृतिरानी प्रकाश, श्री शैलेन्द्र कुमार तिवारी, डॉ. अजय यादव, डॉ. किरण दुबे, डाॅ. सुरुचि मिश्रा, डॉ. ऋचा हाण्डा, प्रो. रूपेन्द्र शर्मा, प्रो. लोकेश कुमार वर्मा, प्रो. सुचित दुबे, एन.सी.सी., एन.एस.एस. एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राए बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।