
बिलासपुर। सरकंडा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग एवं तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा के बीच हुए विवाद पर दोनों पक्षों में समझौता होने के एक माह बाद भी तहसीलदार एवं उनके भाई पर सरकंडा थाने में दर्ज FIR की क्लोजर रिपोर्ट थाने द्वारा प्रस्तुत नहीं की गई है, जिससे केस का खत्मा एक माह बाद भी नहीं हो पाया है।
ज्ञात हो कि 17 नवंबर 2024 की रात्रि 02.00 बजे से 05.00 बजे के मध्य सरकंडा थाना प्रभारी तोप सिंग नवरंग द्वारा तहसीलदार पुष्प राज मिश्रा एवं उनके इंजीनियर भाई पुष्पेंद्र मिश्रा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा की धारा लगाकर सरकंडा थाने में FIR दर्ज किया गया था।
इसी तरह तहसीलदार एवं उनके भाई द्वारा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग पर अभद्रता पूर्वक व्यवहार कर झूठा FIR दर्ज करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई थी । बाद में थाने के अंदर की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद तहसीलदार के साथ टीआई द्वारा की गई अभद्रतापूर्व व्यवहार की पुष्टि होने लगी । जिससे तहसीलदार के पक्ष में संघ भी साथ खड़ा हो गया। इस तरह दो बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बड़ी जंग छिड़ गई और प्रशासन की किरकिरी होने लगी।
जिसे देखते हुए 22 नवंबर 2024 को नगर निगम आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में दोनों पक्षों को बिठाकर दोनों का पक्ष सुना गया। जिसमे तत्कालीन थाना प्रभारी सरकंडा तोप सिंग नवरंग द्वारा अपने द्वारा की गई अभद्रता एवं गलती को स्वीकार कर क्षमा मांगी गई। एवं सभी की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक द्वारा तीन दिवस के भीतर झूठे एफ.आई.आर. केस का क्लोजर रिपोर्ट submit करने का आश्वासन दिया गया एवं मामले में सुलह कराई गई। किन्तु एक माह व्यतीत हो जाने के उपरांत भी मामले का खात्मा नहीं किया गया है।
वही इंजीनियर पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा की इस मामले की जांच के लिए आइसीयूडब्ल्यू ऑफिस में उन्हें आज बुलाया गया था। उन्होंने अपना बयान दर्ज करा दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज प्रारम्भिक जांच की रिपोर्ट और आरटीआई के 3 आवेदनों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। लेकिन 1 माह से अधिक समय हो गया आज तक उपलब्ध नही कराई गई है, और न ही प्रशासन ने अपना वायदा पूरा किया। जबकि उन्होंने आश्वासन दिया गया था कि 3 दिनो के अंदर उनके और उनके भाई के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे पर आज तक मुकदमे भी खत्म नही किये गए है।
उनका कहना है कि क्या ऐसी जांच होती है, जहां माह भर बाद भी आरटीआई के तहत भी आवेदक को जवाब नही दिया जाता । उन्होंने थाने में दर्ज झूठे मुकदमे को खात्मा करने और पूरे मामले की निष्पक्ष व पारदर्शिता पूर्ण जांच कराई कराने की मांग प्रशासन से की है।
इस मामले को लेकर तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा एवं उसके भाई इंजीनियर पुष्पेंद्र मिश्रा द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया गया है कि इस मामले में सरकंडा थाने में दर्ज उनके खिलाफ झूठी एफआईआर का क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत कर तत्काल केस का खात्मा किया जाय।