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क्राइमबिलासपुर

तहसीलदार एवं टीआई के बीच विवाद ने लिया एक नया मोड, नायब तहसीलदार ने मीडिया के सामने आकर पुलिस के आला अधिकारियों पर सहयोग न करने का लगाया आरोप

बिलासपुर । नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा एवं सरकंडा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग के बीच हुए विवाद ने फिर एक नया मोड ले लिया है ।

पूर्व में जिले के आला अधिकारियों के द्वारा दोनो पक्षों के बीच समझौते करवा देने के बाद इस विवाद का पटाक्षेप हो गया था। लेकिन समझौते के अनुसार तहसीलदार के विरुद्ध दर्ज झूठी  FIR का खात्मा 3 दिनो के अंदर होना था लेकिन आज एक माह बीत जाने पर भी जब खत्मा नहीं किया गया तो व्यथित होकर तहसीलदार एवं उनके इंजीनियर भाई ने मीडिया के सामने आकर पुलिस के आला अधिकारियों पर समझौते का पालन न कर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

मंगलवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा एवं उनके भाई पुष्पेंद्र मिश्रा ने अपनी आप बीती सुनाते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने वाले पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी अब उनका सहयोग नहीं कर रहे है।

उन्होंने घटना की रात का जिघ्र करते हुए कहा कि उनके एवं उनके भाई के साथ सरकंडा थाना ला कर न सिर्फ अभद्र गली दी है बल्कि उसके शारीरिक हिंसा भी किया गया।

उन्होंने थाना प्रभारी तोपसिंह नवरंग पर आरोप लगाया कि उन्होंने न केवल उनके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई। मिश्रा का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की थी। पुलिस अधीक्षक ने झूठे एफआईआर को तीन दिन में समाप्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्य का मुद्दा


पुष्पराज मिश्रा ने सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें पुलिस थानों में ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकंडा थाना में ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है, जिससे घटना के साक्ष्य अधूरे हैं। मिश्रा ने मांग की है कि घटना की रात के सीसीटीवी फुटेज को ऑडियो सहित सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

जांच प्रक्रिया पर सवाल


मिश्रा ने विभागीय जांच में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अब तक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और आरोप पत्र की प्रति नहीं सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

मांग और अपील


नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा ने मांग की है कि
1. झूठे एफआईआर को तुरंत समाप्त किया जाए।
2. दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
3. घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को ऑडियो सहित सार्वजनिक किया जाए।
4. विभागीय जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए।


न्याय की उम्मीद


प्रेस वार्ता के दौरान नायब तहसीलदार ने कहा कि वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उस व्यवस्था में सुधार के लिए आवाज उठा रहे हैं, जिसमें आम नागरिकों को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नायब तहसीलदार के भाई और पिताजी के अलावा अन्य सहयोगी भी मौजूद रहे।