फर्जी बाबाओं के खिलाफ खबर चलाने वाले पत्रकार पर झूठी एफआईआर कर फसाया गया, पत्रकार ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई

बिलासपुर। बाबाओं के खिलाफ खबर चलाने पर गुसाई एक महिला ने एक पत्रकार को ही अपना निशाना बनाते हुए उसके खिलाफ झूठी शिकायत कर एफआईआर दर्ज करा दी।
ज्ञात हो कि रोशनी न्यूज़ के सम्पादक विकाश रोहरा ने हाल ही में सिंधी समाज के कई लोगों के साथ धोखाघड़ी कर करोड़ों रुपए ठगने के एक मामले का भांडाफोड़ करते हुए प्रमुखता से खबर चलाई थी। जिसके बाद ठगी के शिकार हुए समाज के कई लोग सामने आए और फर्जी सेवादार बनकर समाज के लोगो को करोड़ों का चुना लगाने वाले सेवादार सहित तीन लोगों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराया था।
वही एफआईआर के बाद इस मामले को लेकर कई लोग पत्रकार विकास रोहरा के दुश्मन भी बन गए थे। और लगातार उसे इस मामले से दूर रहने की धमकियां दे रहे थे। जब उसने धमकियों की परवाह न करते हुए इस मामले से जुड़े खुलासे करते रहे तो इस मामले से जुड़े कुछ लोगों ने एक महिला को मोहरा बनाकर उसके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी।
सिविल लाइन थाना में विकास रोहड़ा के खिलाफ एक महिला ने मानसिक प्रताड़ना एवं बत्तमीजी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है। जबकि जिस घटना को लेकर महिला ने विकास के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। उस दिन (03 जनवरी 2025) को दोपहर महिला ने स्वयं विकास रोहरा को कॉल कर उससे मिलने की इच्छा जताई थी, जब विकास घर में नहीं हूं कहता है तो उसके घर के बाहर 1 घंटे तक इंतजार भी करती है। वही जब विकास 1 घंटे के बाद घर पहुंचता है तब महिला अपने पति के साथ उसके फ्लैट के पार्किंग में उसका इंतजार में खड़ी मिलती है। जहां पार्किंग में गार्ड एवं उक्त महिला के साथ उसका पति मौजूद रहते है । सबके सामने उन दोनों लोगों की बातचीत होती है। जिसकी वीडियो भी विकास रोहरा के पास मौजूद है।
फिर पूरी बातचीत करने के बाद अचानक महिला द्वारा सिविल लाइन थाने पहुंच कर विकास रोहरा के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी जाती है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करे ताकि पीड़ित पत्रकार को न्याय मिल सके अन्यथा निष्पक्ष होकर पत्रकार कोई भी मामले को जनता के सामने लाने से डरेगा।

