
बिलासपुर। स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में 5 वर्ष की नाबालिक मासूम बच्ची की हत्या के अज्ञात आरोपी को सरकंडा पुलिस गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल किया है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के मात्र 03 घण्टे के भीतर हत्या के आरोपी नाबालिक बालक को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की ।

इस पूरी घटना का आज शाम 5 बजे बिलासा गुडी में जिले के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आज दिनांक 25.02.2025 को 10.15 बजे थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय को मोबाईल फोन के माध्यम से सूचना प्राप्त हुआ कि स्वर्णिम ईरा कॉलोनी सरकंडा में 01 नाबालिक उम्र करीब 05 वर्ष कल दिनांक 24.02.2025 के शाम करीब 07.00 बजे अपने घर से बिना बताए कहीं चली गयी थी। उसका शव आज दिनांक 25.02.2025 को स्वर्णिम ईरा कॉलोनी मे निर्माणाधीन मकान क्र. 80 में मिला है।
सूचना प्राप्त होते ही निरीक्षक निलेश पाण्डेय द्वारा घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियो को दिया गया। घटना की गम्भीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह अपने मातहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीसीयू अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा सिध्दार्थ बघेल, प्रभारी एफएसएल यूनिट, प्रभारी फिंगरप्रिंट एवं प्रभारी डाग स्क्वाड एवं थाना प्रभारी सरकंडा निरीक्षक निलेश पाण्डेय को पुलिस टीम के साथ तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना किया गया एवं स्वयं घटना स्थल पर पहुंचे।
घटना स्थल पर मौजूद साक्ष्यों का वैज्ञानिक पध्दति से संकलन एवं अज्ञात आरोपी के पता तलाश हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मामले मे अज्ञात आरोपी के विरूध्द अपराध धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 194 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत मर्ग पंजीबध्द कर विवेचना प्रारम्भ किया गया।
https://youtu.be/urOEcuM_l6w?si=1nheHMRDfVcU18Ca
घटना स्थल के निरीक्षण पर पाया गया कि स्वर्णिम ईरा कॉलोनी बिलासपुर मे जिस स्थान पर घटना घटित हुआ है वहां पर सैकड़ों मकान निर्माणाधीन है। जिसमे 01 हजार से अधिक महिला पुरूष मजदूर अपने बच्चो के साथ रहकर काम करते है जिस नाबालिक बालिका की हत्या हुई है उसके माता पिता भी मजदूरी करते है तथा कॉलोनी में ही बने मजदूरो के क्वार्टर मे निवास करते है। घटना स्थल के निरीक्षण एवं तरीका वारदात् से पुलिस अधिकारियो को यह स्पष्ट हो गया था कि घटना को बाहर के आरोपी ने घटित नही किया है, बल्कि कॉलोनी मे रहने वाले ने ही घटना घटित किया है। इस आधार पर पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन में कुल 05 टीमो का गठन किया गया। इनमे से 03 टीमो को कॉलोनी में रहने वालो मजदूरो एवं उनके बच्चों से पूछताछ करने हेतु, 01 टीम को कॉलोनी लगे सीसीटीवी के अवलोकन हेतु एवं 01 टीम को कॉलोनी में पूछताछ कर सूचना संकलन करने का जिम्मेदारी दिया गया।
घटना के सबंध में पूछताछ एवं तस्दीक के दौरान कॉलोनी में कार्यरत मजदूर एवं अन्य व्यक्तियों के गोपनीय तरीके से शरीरिक जांच एवं गतिविधियो पर निगाह रखा जा रहा था। जांच टीम के द्वारा ऐसे 09 संदिग्धों की पहचान की गयी। जिनका गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रहा था एवं शरीर पर चॉट खरोच के निशान दिखाई दे रहे थे। उन संदिग्धों से कड़ाई एवं बारिकी से पूछताछ किया गया। इसी बीच सीसीटीवी कैमरा के अवलोकन से नाबालिक मृतिका को 01 नाबालिग बालक हाथ पकडकर घटना स्थल की ओर ले जाता हुआ दिखाई दिया। उक्त नाबालिक पूर्व से ही पहचान किए गए 09 संदिग्धों में से 01 था। इस आधार पर उक्त नाबालिग बालक से पूछताछ किया गया। जिसने घटना घटित करना स्वीकार किया है। प्रकरण में मृतिका एवं आरोपी दोनो के नाबालिग होने के कारण बाल कल्याण अधिनियम मे निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही किया जा रहा है। नाबालिग आरोपी को हिरासत मे लिया गया है जिसे माननीय किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत किया जा रहा है। उपरोक्त कार्यवाही में थाना सरकंडा एवं एसीसीयू बिलासपुर के अधिकारी कर्मचारियो का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।