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बिलासपुर

जीवित व्यक्ति को मृत बताकर दूसरे को बेची नौकरी, पीड़ित व्यक्ति ने  महाप्रबन्धक पर जानकारी छिपाने का लगाया आरोप

बिलासपुर। SECL के प्रोजेक्ट में जमीन आने वाले किसानों के परिवारो के किसी एक को एसईएसीएल में नौकरी देने का प्रावधान है। इसी के अंतर्गत एसईसीएल के गेवरा प्रोजेक्ट में किसान मोकरदम पिता उस्मान जो कि गेवरा बस्ती कुसमुंडा का निवासी है कि जमीन आई हुई थी जिनके परिवार से उनके पुत्र को नौकरी देना था लेकिन आज 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके परिवार के किसी को भी नौकरी नहीं मिली ,और  वह न्याय के लिए पिछले कई वर्षों से दर दर भटक रहा है। बाद में उसे एसईसीएल से जानकारी मिली कि उसके कोटे से किसी अन्य को एसईसीएल ने नौकरी में रख लिया है, जिससे वह न्याय के लिए दर दर भटक रहा है लेकिन उसे कही भी न्याय नहीं मिल रही है।

शुक्रवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में उन्होंने प्रेसवार्ता कर अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जूनाडीह में मेरे नाम पर भूमि स्वामी हक की भूमि खजरा 440/4 एवं 441/1 कुल रकबा 0.05 एकड़ स्थित था। उक्त भूमि के एवज में नौकरी की पात्रता है। जिसके बदले मेरे पुत्र को नौकरी देना चाहता हूँ इस वास्ते गेवरा प्रोजेक्ट में कार्यरत प्रमोद कुमार शर्मा एवं अरुण पांडे (बहन पाठ का निवासी) को पुत्र की नौकरी लगाने के लिए विविध खर्च एवं उनके आने जाने के खर्च के रूप में २००००/- रु. दिया।

कुछ दिन बाद प्रमोद कुमार शुर्मा द्वारा मेरे घर गेवरा से मूल ऋण पुस्तिका कि का यह रह कर कि नौकरी हेतु जरूरी है ले गया। बार बार पूछने पर नौकरी में कुछ देरी है,कहकर सांत्वना देता रहा। जब हद पार हो गया तो मैं 2006 में SECL का ऑफिस गया वहाँ बताया गया कि मोर रहम अर्थात मेरी मृत्यु हो जाने के कारण फौती नामांतरण कर प्रदीप कुमार पिता कांशी प्रसाद शर्मा को नौकरी दे दी गई है।

वास्तविकना यह है कि मैं अभी जीवित है एवं प्रभु कृपा से पेंशन पा रहा हूँ। विचारणीय है कि. प्रदीप कुमार शर्मा एवं कोशी प्रसाद शर्मा के दूर दूर तक मेरा कोई रिश्ता नहीं है। वह ब्राहमण जाति है एवं मैं मुसलमान तथा इतना ही नहीं मेरे जीते जी मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बने? फाँती कैसे हुआ? एवं नौकरी कैसे लगा ? मेरे ऋण पुस्तिका को पाकर प्रमोद शर्मा ने जो पहले से गेवरा में नौकरी करता था अपने भाई प्रदीप शर्मा को नौकरी लगा दिया एवं घुमाते रहे। बाद में पता चलने पर जान से मारने की धमकी दी । जिसरी रिपोर्ट मेरे द्वारा पुलिस अधिकारीएवं डीपी. CMD.SECE बिलासपुर को की गई थी पर न जाने किए कारण कार्यवाही नहीं हुई।

अभी मेरे के द्वारा R. T. I के तहत पूर्ण काग जात SECC से मांगा गया तो नहीं दिया गया जब कि उक्त दस्तावेज कार्यालय में ही स्थित है जिसकी पुष्टि  महाप्रबंधक के पत्र क्रमांक -3326 दि 20.12.2024 के द्वारा होती है।