जिले की मितानिन बहनों ने 16 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर्ड कार्यालय का किया घेराव

बिलासपुर। जिले में लगभग 1000 मितानिन बहना काम करती है, वही प्रदेश मे लगभग 75 हजार की संख्या में काम कर रही है। जो समय समय पर सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करती है। लेकिन आज के इस महंगाई के दौर में उनका मानदेय बेहद कम है।

जिससे आज मितानिन बहनों को अपना घर का खर्चा चलाने में बड़ी मुश्किल होती है। लेकिन सरकार से उनकी मानदेय बढ़ाने की वर्षों पुरानी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है।
अपनी दयनीय स्थिति में सुधार के लिए उन्होंने आज बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेड कार्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
0जिसमें उन्होंने मांग रखी कि….
1. हमें प्रतिमाह 2200/- से बढ़ाकर न्यूनतम ₹10000 फिक्स दिया जाए।
2. दावापत्र प्रोत्साहन राशि को 4 गुना किया जाए।
3. प्रोत्साहन राशि एवं मानदेय प्रतिमाह 5 तारीख के भीतर जमा किया जाए।
4. मितानिनों की पूर्व की बकाया प्रोत्साहन राशि जल्द भुगतान किये जाए।
5. रविवार को आपात चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा को छोड़कर बाकी कोई भी कार्यक्रम मीटिंग प्रशिक्षण आदि (किसी भी स्तर पर) को नहीं रखने का आदेश दिया जाए।
6. विश्व महामारी के विरुदध संघर्ष के कोरोना वारियर आशा (मितानिन) को प्रति माह एक हजार रुपए (1000 रुपए) अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी भुगतान नहीं किया उसे जल्द भुगतान किया जाए।
7. माननीय प्रधानमंत्री जी दवारा नवम्बर 2018 में डिजिटल इण्डिया के संबोधन में आशा (मितानिन) दावा प्रपत्र प्रोत्साहन राशि को दोगुना देने की घोषणा की गई थी, उसे लागू करें और उसे दिनांक से अभी तक का पूरा बकाया भुगतान करने की कृपा करें।
8. उक्त भाषण में माननीय प्रधानमंत्री जी ने आशा (मितानिन) की दुखद आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके परिजनों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2+2 = 4 लाख रुपये घोषणा की गई थी, उस दिनांक के बाद से जिन मितानिनों की दुखद मृत्यु हुई है उन्हें तत्काल यह राशि भुगतान करने की कृपा करें।
9. स्वास्थ्य सेवा मुहैया समय मृत्यु होने पर परिवार को 10 लाख रुपए एवं एक सदस्य को शासकीय नियुक्ति दिया जाए। मितानिन (आशा) व पति के आकस्मिक मृत्यु उपरान्त राशि 20000 रुपए से वृद्धि कर 5 लाख किया जाए।
10. दसवा चरण प्रशिक्षित मितानिनों को ए. एन. एम. जी. ए. एन. एम की ट्रेनिंग दसवी अंकसूची के मेरिट के आधार पर वर्षों पहले सरकार द्वारा प्रशिक्षण हेतु शतप्रतिशत आर्थिक सहयोग दिया गया था। वर्तमान में 28वां चरण प्रशिक्षण मितानिन (आशा) ले चुके हैं। अतः 20 वां चरण प्रशिक्षित मितानिनों को ए.एन.एम, जी.ए. एन एम कि ट्रेनिंग दिया जाए एवं ए. एन. एम. जी.ए.एन.एम कि ट्रेनिंग प्राप्त पात्रों कि जल्द नियुक्ति दी जाए।
11. मितानिन (आशा) कर्मियों को शासकीय स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा के साथ प्रतिमाह 26000/-वेतन, टीए डीए, ग्रेच्यूटी आदि दिये जाए। मितानिन (आशा) को पेंशन योजना लागू की जाए।
12. फोटो कॉपी, स्टेशनरी आदि खर्च हेतु एक हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाए।
13. प्रति वर्ष दो सेट युनिफार्म व चार हजार रूपये दिया जाए।
14. प्रत्येक संकुल महा संकुल में मितानिन भवन निर्माण किया जाए।
15. मितानिन (आशा) कर्मियों के लिए राज्य चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मितानिन (आशा) विश्राम गृह निर्माण किया जाए।
16. राज्य के सभी चिकित्सालयों व स्वास्थ्य केन्द्रों में मितानिन विश्राम गृह निर्माण किया जाए।