भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के आव्हान पर आज जिला संगठन ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
कलेक्टर के माध्यम से सौंपे गए उनके पांच सूत्रीय मांगे निम्नानुसार है-
1.मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) को विलोपित करने हेतु विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित किया जाए। इससे छत्तीसगढ़, सरकार का 2000 करोड़ से अधिक राशि का सालाना बचत होगी।
2.केन्द्र के देय तिथि और दर पर मोदी की गारंटी के तहत पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को एरियर सहित डी.आर. देने का निर्णय कैबिनेट से पारित किया जाए।
3.भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के मांग पर पेंशन एवं भविष्य निधि संचालनालय के स्थापना के बाद अब संयुक्त संचालक पेंशन और जिला पेंशन कार्यालय की स्थापना तत्काल की जावे।
4.कैशलेष मेडिकल सुविधा का लाभ सभी सरकारी अस्पतालों के साथ सरकारी कर्मचारियों की मांति राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सभी निजी अस्पतालों में भी सुविधा देने के आदेश प्रसारित किए जाए।
5.सेवानिवृत्त नियमित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का संपूर्ण सेवाकाल को पेंशन अवधि के लिए गणना में लिया जावे और उन्हें भी अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भांति सभी आर्थिक लाभ दिया जाए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष राकेश जैन एवं संगठन के पदाधिकारी वीरेंद्र नामदेव,श्रीमति कुंती राणा,दिनेश उपाध्याय, राजेंद्र कश्यप,राघवेंद्र तिवारी,सुजाता मुखर्जी,आर.पी.यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
