त्रिवेणी भवन, बिलासपुर में हुआ एक दिवसीय सत्संग व दहेजमुक्त विवाह समारोह

बिलासपुर। समाज में आध्यात्मिक जागरूकता एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के उद्देश्य से जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के अमूल्य ज्ञान व प्रेरणास्रोत समाज सुधार कार्यों को समर्पित एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन त्रिवेणी भवन, व्यापार विहार, बिलासपुर में किया गया।
इस पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदत्त सत्य शास्त्र अनुकूल आध्यात्मिक ज्ञान को आत्मसात किया। कार्यक्रम में सत्संग के माध्यम से जीवन के उद्देश्य, मोक्ष प्राप्ति के सरल मार्ग, तथा व्यर्थ की सामाजिक कुरीतियों से बचने की प्रेरणा दी गई।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण दहेज रहित विवाह समारोह रहा, जिसमें चार जोड़ों ने संत रामपाल जी महाराज के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए बिना फिजूल खर्ची के व फिजूल के रीति-रिवाजों को दरकिनार करते हुए विवाह बंधन में बंधकर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया। इन विवाहों में न तो कोई दहेज लेनदेन किया गया , न ही कोई आडंबर किया गया, मात्र 17 मिनट की गुरु वाणी के द्वारा विवाह संपन्न किया गया। जिससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि विवाह एक पवित्र सामाजिक बंधन है, न कि लेन-देन का माध्यम।
विवाह बंधन में बनने वाले जोड़ों के नाम निम्न हैं:
1 नंदलाल जगत ग्राम रामपुर बलौदा जिला जांजगीर चांपा
संग
आरती गोंड ग्राम बिरकोना, बिलासपुर
2 संदीप कुमार माण्डले ग्राम मुरकुटा जिला बेमेतरा
संग
संध्या गंगिले ग्राम ठाकुर देवा बिलासपुर
3 सुखसागर टंडन ग्राम सोनबंधा बिलासपुर
संग
दिव्य भारती सूर्यवंशी ग्राम खम्हरिया , काठकोनी बिलासपुर
4 अजय कुमार बंजारे ग्राम हथनी बिलासपुर
संग
जया यादव ग्राम झलफा बिल्हा बिलासपुर
समारोह के आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज को कुरीतियों से मुक्त कर एक आदर्श और समतामूलक जीवन प्रणाली की ओर अग्रसर करना है। कार्यक्रम का शांतिपूर्ण और अनुशासित संचालन सभी उपस्थितजनों को प्रभावित कर गया।

कार्यक्रम में राज्य सेवादार पंकज दास जिला सेवादार तुलसी साहू ,हीरा लाल साहू,दशरथ केवट, शंकर भारद्वाज ,चंद्रशेखर साहू , दुर्गा वस्त्रकार, अजय कुमार बंजारे, ताराचंद साहू ,भरत धीवर , रवि दिव्यदर्शी, रामकुमार साहू, सिद्धनाथ मानिकपुरी, अभिषेक शास्त्री एवं हजारों की संख्या में संगत श्रोतागण उपस्थिति रहे।

संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा यह पहल समाज में परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है। ऐसे आयोजन न केवल आध्यात्मिक उत्थान को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक सुधार का भी मार्ग प्रशस्त करते हैं।