जिले के उप पुलिस अधीक्षक ( ट्रैफिक ) रामगोपाल करियारे ने “ग्लोबल 24 न्यूज” से चर्चा के दौरान कही ये बड़ी बात. पढ़िए ये पूरी खबर….

बिलासपुर। भारत में प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं से लगभग 1.5 लाख लोगों की मृत्यु होती है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी,. यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रतिदिन औसतन 462 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं. यह आकड़ा अपने आप में बता रहा है कि हम यातायात नियमों के प्रति कितने जागरूक है। उक्त बाते जिले के उप पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) रामगोपाल करियारे ने ग्लोबल 24 न्यूज से चर्चा के दौरान कही.
उन्होंने कहा कि बिलासपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की लगातार कोशिश की जा रही है और उस पर लगातार काम किया जा रहा है। आज अवैध अतिक्रमण से पूरे शहर के हर चौक, चौराहों पर जाम की स्थिति प्रतिदिन बनी रहती है। पार्किंग की जगह नहीं है। जिसके सुधार के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शहर के कई जगहों पर 3 से 4 रास्ते एक साथ खुलते थे । जिससे वहां पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी। जिसे हमने बेरीकेटस लगाकर व्यवस्थित किया। जैसे कि नेहरू चौक और शिव टॉकीज चौक जिससे वहां लगने वाली जाम आज खत्म हो चुकी है।
वही चौक चौराहों में लेफ्ट टर्न वालो को जगह नहीं दिया जाता था। इससे भी चौकों में जाम की स्थिति बनती थी। उस पर भी हमने 300/ जुर्माना की कार्यवाही चालू की ताकि यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो सके। ठेले वालो को सड़क पर दुकानें न लगाने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि सड़के अनावश्यक जाम न हो। वही ऑटो वालो से लगातार बैठके कर उन्हें भी यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई है,कई ऑटो चालकों पर कारवाही भी हुआ है।
वही तेज आवाज वाली साइलेंसर पर रोक लगाया गया है,बड़े पैमाने में अभियान चलाकर उन पर भी कार्यवाही भी की गई है। ऑटोमोबाइल्स की दुकानों को भी हिदायत दिया गया है कि तेज आवाज वाली साइलेंसर न बेचे अन्यथा उन पर भी कार्यवाही की जाएगी। इस तरह हर प्रकारों से यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। हाइवे में चिन्हित ब्लैक स्पॉट को भी ठीक किया जा रहा है ताकि भविष्य में वहां कोई दुर्घटना घटित न हो।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शासन द्वारा अपने स्तर पर यातायात जागरूकता के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे है लेकिन जब तक आम लोग इसके महत्व को समझ कर नियमों को कड़ाई से पालन नहीं करेंगे । तब तक न हमारा एक्सीडेंट का यह आकड़ा कम होगा न ही हमारे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो पाएगी। इसके लिए सभी को मिल कर एक साथ काम करना होगा।