कोपरा जलाशय को “पक्षी अभ्यारण” बनाये जाने की आवश्यकता, कोपरा जलाशय पक्षियों के लिए संजीवनी: एक्सपर्ट

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर तहसील के हीर्री थाना क्षेत्र में अवस्थित ‘कोपरा जलाशय’ की खूबसूरती क्या कहना शाम के वक्त डूबती सूरज की लालिमा के साथ यहां पक्षियों की झुंड को आते देखना अत्यंत मनमोहक लगता है। अक्सर इस खूबसूरती को निहारने शहर के बड़ी संख्या में लोग आते है और सपरिवार इसका आनंद उठाते है।

बिलासपुर का कोपरा जलाशय और उसके आस-पास का वातावरण साइबेरियन पक्षियों के लिए काफी अनुकूल साबित (Migrant birds camped in Kopra reservoir ) हो रहा है. इसी वजह से हर साल यहां आने वाले विदेशी पक्षियों की तादाद बढ़ती जा रही है. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट का भी मानना है कि कोपरा जलाशय पक्षियों के लिए संजीवनी की तरह है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।

आज “कोपरा जलाशय” प्रदेश के कई जलाशयों मे से प्रवासी पक्षियों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त और खूबसूरत जलाशय है। यहां अनेक प्रकार के दुर्लभ पक्षी देखे गये है। यह स्थान ‘पक्षी अभयारण्य’ बनाने के लिए बेहद उपयुक्त है। शासन को इस दिशा में कारगर और ठोस कदम उठाना चाहिए।

वाइल्ड फोटोग्राफर व पक्षी प्रेमी डॉ. लोकेश शरण अक्सर यहां फोटोग्राफी करने जाया करते है उन्होंने पक्षियों की नई नई प्रजातियों को यहां आते देकर एवं यहां के वातावरण को देखते हुए संचार माध्यमों से “कोपरा जलाशय” को पक्षी अभयारण्य बनाने की दिशा मे सरकार से कारगर पहल करने का आग्रह भी किया।

इस दिशा में जब कलेक्टर अवनीश शरण थे तब इसे “पक्षी अभ्यारण” बनाने की दिशा में एक पहल जरूर हुई थी लेकिन उस दौरान मछली पालन के लिए दी गई लीज खत्म नहीं हुई थी इसलिए इस दिशा में कोई ठोस काम नहीं किया जा सका। चुकी अब लीज खत्म हो चुकी है इसलिए इस दिशा में शासन को तत्काल पहल करनी चाहिए। “पक्षी अभ्यारण” बनाने से यहां की खूबसूरती और पर्यटन दोनो बढ़ेगी । दूर दूर से लोग यहां इस “पक्षी अभ्यारण” को देखने आयेंगे।
