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बिलासपुर

कोपरा जलाशय को शासन ने “रामसर वेटलैण्ड”   घोषित किया, मछली पालन के लिए जारी टेंडर किया गया निरस्त, ‘पक्षी अभ्यारण’ बनाये जाने का मार्ग हुआ प्रशस्त

बिलासपुर। बिलासपुर के तखतपुर विकास खंड में स्थित ग्राम- कोपरा के कोपरा जलाशय को अब “पक्षी अभ्यारण” बनाया जाएगा। शासन द्वारा इस दिशा में शुरुआत कर दी गई है ।

अब शासन द्वारा कोपरा जलाशय को ” रामसर वेटलैण्ड घोषित “ कर दिया गया है जिसके बाद कोपरा जलाशय को “पक्षी अभ्यारण” बनाए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। शासन द्वारा मछली पालन हेतु 10 वर्षीय पट्टे पर आबंटित की जाने जाने वाली लीज की प्रक्रिया को भी निरस्त कर दिया गया है।

बता दे कि कोपरा जलाशय में देश विदेश की कई दुर्लभ प्रजातियों की रंग बिरंगी पक्षियां आती है। इनमें कुछ पक्षियों ऐसे भी है जो प्रदेश में पहली बार देखी गई है। नवंबर दिसंबर के महीनों में इन प्रवासी पक्षियों का आगमन आरंभ हो जाता है । और वे फरवरी मार्च तक यहां प्रवास करते है। कोपरा जलाशय वाइल्ड लाइफ़ फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग के समान मन जाता है।  आधिकारिक जानकारी के अनुसार कोपरा जलाशय के अतिरिक्त आसपास लगभग 130 प्रजातियों की पक्षियों का निवास स्थल है।

पक्षी प्रेमियों का कहना है कि कोपरा जलाशय प्रवासी पक्षियों के लिए बेहद अनुकूल है। यही  कारण है कि यहां अक्सर बड़ी संख्याओं में पक्षियों का आगमन होता है,और उनकी  संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।

इतिहासकार एवं पक्षी प्रेमी डॉ. लोकेश शरण ने जब “कोपरा जलाशय ” में पहली बार पक्षियों की फोटोग्राफी करने पहुंचे तो उन्हें बेहद आश्चर्य और दुख हुआ कि इतने विस्तृत एवं विशाल खूबसूरत जलाशय को अब तक सरकार द्वारा “पक्षी अभ्यारण” क्यों नहीं बनाया जा सका। इस दिशा में सरकार एवं जनप्रतिनिधियों को ईमानदारी से सार्थक पहल करनी चाहिए ।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक “कोपरा जलाशय” को पक्षी अभ्यारण बनाने की दिशा में राज्य एवं केंद्र सरकार के पास शीघ्र ही प्रस्ताव भेजे जाएंगे। इस खबर से पक्षी प्रेमियों के साथ साथ वाइल्ड ग्राफर फोटोग्राफरो में हर्ष व्याप्त है।