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बिलासपुर

बिलासपुर : सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति ने माँगी 25 हजार की इनामी राशि

बिलासपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुँचाने वाले “गुड सेमेरिटन” (सच्चे मददगार) को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी योजना का लाभ दिलाने हेतु शहर के एक निवासी ने पुलिस को आवेदन दिया है।

घायल द्वारिका,पिता गोपी निवासी कोरबा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिलासपुर निवासी अतुल अवस्थी ने थाना सिटी कोतवाली को आवेदन सौंपा है। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को गीतांजलि सिटी के पास बहतराई रोड पर हुए एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को उन्होंने अपनी गाड़ी से सिम्स अस्पताल पहुँचाया। घायल की पहचान द्वारिका, पिता गोपी निवासी कोरबा के रूप में हुई है। हादसा होटल के सामने हुआ था, जिसमें घायल व्यक्ति बाइक (CG10 BY 5164) से गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गया था।

अवस्थी ने बताया कि उन्होंने त्वरित मदद करते हुए घायल को अस्पताल पहुँचाया और इलाज शुरू कराया। घटना की पुष्टि के लिए उन्होंने MLC 6449 की फोटोकॉपी भी आवेदन के साथ संलग्न की है।

अब उन्होंने परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की इस योजना के तहत घोषित ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दिलाए जाने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

“गुड समैरिटन योजना” है क्या

3 अक्टूबर 2021 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई “गुड समैरिटन योजना” के अंतर्गत उन लोगों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने किसी घातक सड़क दुर्घटना (मोटर वाहन से जुड़ी) में पीड़ित का जीवन बचाया है। ऐसे व्यक्ति जिन्होंने तुरंत सहायता प्रदान की हो और दुर्घटना के गोल्डन ऑवर के भीतर पीड़ित को अस्पताल/ट्रॉमा केयर सेंटर पहुँचाकर उपचार दिलाया हो, उन्हें प्रति घटना ₹5,000/- का पुरस्कार दिया जाएगा। हालांकि इस पुरस्कार राशि को बाद में बढ़कर 25,000/ कर दिया गया ।

यह योजना 15वें वित्तीय चक्र की समाप्ति अर्थात 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि लोग दूसरों की जान बचाने के लिए प्रेरित हों।

साथ ही, कोई भी गुड समैरिटन, जिसने सड़क दुर्घटना की सूचना पुलिस को दी हो या दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुँचाया हो, उससे पुलिस या अस्पताल की ओर से कोई और औपचारिकता पूरी करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी और उसे तुरंत वहाँ से जाने की अनुमति दी जाएगी।

आवेदन की कॉपी…