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बिलासपुर

यदुवंशी समाज की भव्य शोभायात्रा : संस्कृति, आस्था और नशामुक्ति का अद्भुत संगम

बिलासपुरश्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर यदुवंशी समाज, जिला बिलासपुर ने शनिवार 16 अगस्त को ऐतिहासिक और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया।

लगातार 18वें वर्ष निकली यह शोभायात्रा केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं रही, बल्कि समाज की एकता, आस्था और संस्कृति का शानदार प्रतीक बनी।

शोभायात्रा लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान से प्रारंभ होकर गोलबाजार, सदर बाजार, देवकीनंदन चौक, नेहरू चौक, स्व. बी.आर. यादव प्रतिमा स्थल और बृहस्पति बाजार होते हुए लखीराम ऑडिटोरियम पहुँची, जहाँ आमसभा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

पीले वस्त्रों में सजे हजारों श्रद्धालु शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। बाल कृष्ण की झांकी, माखन चोरी, गोकुल की लीलाएँ और महाभारत के प्रसंगों ने भक्तिमय वातावरण बना दिया। गड़वा बाजा, राउत नाचा और यादव नृत्य ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति की अद्भुत झलक प्रस्तुत की।

इस वर्ष का सबसे सराहनीय कदम रहा – जिले की अलग-अलग शोभायात्राओं को मिलाकर एकजुट जिला स्तरीय शोभायात्रा निकालना। इस पहल ने भाईचारे और सहयोग का मजबूत संदेश दिया। वहीं नशामुक्त समाज की प्रेरणा देने के लिए शोभायात्रा में गाय के बछड़े को शामिल किया गया, जिससे दूध, स्वास्थ्य और सादगीपूर्ण जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश मिला।

आमसभा में समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि जन्माष्टमी केवल पर्व नहीं, बल्कि संगठन, शिक्षा और संस्कारों से समाज को जोड़ने का माध्यम है। युवाओं से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की गई।

शोभायात्रा में प्रमुख रूप से विष्णु यादव ,शैलेंद्र यादव, अमित यादव, गौरीशंकर यादव, अनिल यादव, धनंजय यादव, सोमनाथ यादव और रामशरण यादव सहित अनेक वरिष्ठजन उपस्थित रहे। पूरे मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा और स्वागत ने यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया।

भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक विविधता से सजी इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि यदुवंशी समाज आस्था, एकता और संस्कृति का सच्चा ध्वजवाहक है।