Loading ...
बिलासपुर

बिलासपुर : अरपा कोलवाशरी परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, आज होगी जन सुनवाई, ग्रामीणों ने जनसुनवाई का बहिष्कार करने की दी चेतावनी

बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के रलिया और आसपास के गांवों में प्रस्तावित अरपा कोलवाशरी परियोजना को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब उबाल पर है। सरपंच संघ, व्यापारी संघ और हजारों ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 25 अगस्त को खैरा जयरामनगर में जनसुनवाई आयोजित की गई तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही एनटीपीसी की राखड़ ने उनकी खेती, सड़क और सेहत पर भारी असर डाला है। अब कोलवाशरी शुरू होने से हालात और भी भयावह हो जाएंगे। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की सेहत और गांव का भविष्य—सब कुछ खतरे में है।

ग्रामीणों की नाराज़गी

“कोलवाशरी खुली तो जिंदगी तबाह हो जाएगी, अब और बर्बादी बर्दाश्त नहीं।”

“दलालों ने हमारी जमीन धोखे से खरीदी, हमें असली सच्चाई नहीं बताई।”

“राखड़ से बीमारियां झेल रहे हैं, अब कोयले की धूल से जीना नामुमकिन होगा।”


व्यापारी संघ भी विरोध में


जयरामनगर व्यापारी संघ ने भी ग्रामीणों का साथ देते हुए कहा कि कोलवाशरी से न सिर्फ प्रदूषण बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार पूरी तरह प्रभावित होगा।

मशाल रैली और पुतला दहन


ग्रामीणों ने मशाल रैली और पुतला दहन कर ऐलान किया है कि जब तक जनसुनवाई रद्द नहीं होती और परियोजना वापस नहीं ली जाती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।