ट्रैफिक पुलिस के नियंत्रण से बाहर ऑटो चालक!
बीच सड़क पार्किंग और मनमाने ढंग से सवारी बैठाने से शहर की यातायात व्यवस्था बेहाल
बिलासपुर। शहर की लगातार बढ़ती आबादी के साथ सड़कों पर वाहनों का दबाव भी तेजी से बढ़ रहा है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में शहर के कई प्रमुख चौक और बाजार क्षेत्र जाम की समस्या से जूझते नजर आते हैं। ऐसे में सड़कों पर बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले ऑटो और बीच सड़क सवारी बैठाने-उतारने की प्रवृत्ति यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है।

गोलबाजार, शनिचरी बाजार, तेलीपारा, बृहस्पति बाजार, नेहरू चौक, देवकीनंदन चौक, हुंडई चौक सरकंडा, अशोक नगर चौक, नूतन चौक, महामाया चौक, मंगला चौक, मुंगेली नाका, मंदिर चौक और महाराणा प्रताप चौक सहित शहर के कई इलाकों में पीक ऑवर के दौरान वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। इन स्थानों पर ऑटो चालकों द्वारा सड़क किनारे निर्धारित स्थान के बजाय बीच सड़क या चौक के आसपास वाहन खड़ा कर सवारी का इंतजार करना कई बार जाम की स्थिति को और गंभीर कर देता है।

अचानक रोककर सवारी बैठाने से बढ़ रही परेशानी
शहरवासियों का आरोप है कि कई ऑटो चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क पर अचानक ऑटो रोककर सवारी बैठाते और उतारते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और कई बार यातायात बाधित हो जाता है।

लोगों का कहना है कि ऑटो को साइड में खड़ा करने की बात कहने पर भी कई चालक अपनी मनमानी से बाज नहीं आते। इससे आम वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बिलासा दाई चौक में आधी सड़क पर ऑटो का कब्जा?
शनिचरी बाजार स्थित बिलासा दाई चौक में भीड़ के समय स्थिति और ज्यादा खराब दिखाई देती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां कई ऑटो सड़क के हिस्से में खड़े होकर सवारी का इंतजार करते हैं, जिससे सड़क की उपलब्ध जगह कम हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है।

लोगों का कहना है कि यातायात पुलिस या नगर निगम की टीम के पहुंचने पर कुछ समय के लिए ऑटो चालक अपने वाहन साइड में कर लेते हैं, लेकिन कार्रवाई या निगरानी हटने के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
ठोस कार्रवाई की मांग
शहरवासियों का कहना है कि यातायात व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को भी नियमों का पालन करना चाहिए। यदि ऑटो चालकों के लिए निर्धारित पार्किंग और सवारी बैठाने के स्थान तय हैं तो उनका सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
आम लोगों की मांग है कि यातायात पुलिस बीच सड़क ऑटो खड़ा करने, अचानक सवारी बैठाने-उतारने और यातायात बाधित करने वाले वाहनों पर नियमित कार्रवाई करे। साथ ही व्यस्त चौक और बाजार क्षेत्रों में ऑटो के लिए व्यवस्थित पार्किंग एवं स्टॉपेज की व्यवस्था की जाए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू हो सके।
शहरवासियों का कहना है कि सिर्फ कुछ समय की कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। नियमों का लगातार पालन और प्रभावी निगरानी ही शहर को बार-बार लगने वाले जाम से राहत दिला सकती है।