
बिलासपुर। नशे में गाड़ी चलाकर ट्रैफिक चेकिंग के दौरान पुलिस से उलझना एक छुटभैय्या नेता और उसके साथी को भारी पड़ गया। तारबाहर थाना क्षेत्र में पकड़े गए पूर्व सरपंच अनिल राठौर और उसके साथी प्रतीक तिवारी को पुलिस ने हवालात में पूरी रात रखा और अगले दिन कोर्ट में पेश किया।
शहर में देर रात नशे में वाहन चलाने वालों और आपराधिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में लगातार नाइट चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार की रात श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित नारायण प्लाजा के सामने चेकिंग पॉइंट लगाया गया था।
इसी दौरान लिंगियाडीह निवासी पूर्व सरपंच अनिल राठौर शराब के नशे में कार चलाते हुए पुलिस टीम के हत्थे चढ़ा। चेकिंग के दौरान नशे में पाए जाने पर जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो वह भड़क गया और अपनी राजनीतिक पहुंच का धौंस दिखाने लगा।
पुलिसकर्मियों द्वारा समझाइश देने पर भी वह लगातार विवाद करता रहा। इस बीच उसका साथी प्रतीक तिवारी भी पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा। मौके पर राहगीरों की भीड़ जुट गई और स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर दोनों को थाने लाकर हवालात में डाल दिया।
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर दोनों को रातभर लॉकअप में रखा गया। इसके बाद रविवार शाम प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।