धान खरीदी व्यवस्था में प्रशासन की नई पहल, हड़ताल से निपटने क़दम तेज — अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, कर्मचारियों को नेताओं का समर्थन

बिलासपुर। धान खरीदी से जुड़े कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बीच प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी खरीदी समितियों का प्रभार कृषि, सहकारिता, खाद्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया है। गुरुवार को इन अधिकारियों को खरीदी केंद्रों से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण भी दिया गया।
जिले के 140 खरीदी केंद्रों के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें राजस्व निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी शामिल हैं। मंथन सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में टोकन वितरण, वजन, सफाई, बारदाना प्राप्ति, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान प्रक्रिया पर विशेष जानकारी दी गई। जिन समितियों के पास एक से अधिक केंद्र हैं, वहां वित्तीय अधिकार समिति मुख्यालय के प्रभारी को दिए गए हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। उन्होंने अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा कि खरीदी केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों। प्रशासन के अनुसार यह वैकल्पिक व्यवस्था केवल किसानों के हित में तैयार की गई है ताकि हड़ताल के बावजूद खरीदी प्रभावित न हो।
इधर, सहकारी कर्मचारी महासंघ और ऑपरेटर महासंघ की हड़ताल को 11 दिन हो चुके हैं। हड़ताली कर्मचारियों को कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक ने समर्थन दिया है। दोनों नेताओं ने कर्मचारियों से मुलाकात कर आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों के समाधान के लिए कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। नेताओं का कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याएं प्राथमिकता से सुननी चाहिए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
कर्मचारियों का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने ऑपरेटरों को पूर्व में मिलने वाले 12 माह के वेतन को घटाकर 6 माह कर दिया है, जिसे वे अनुचित बता रहे हैं। वहीं कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।