प्रदेशव्यापी हड़ताल पर बड़ा फैसला: सरकार ने सहकारी समिति कर्मचारियों पर लगाया ESMA, तुरंत ड्यूटी पर लौटने के निर्देश

रायपुर/बिलासपुर।छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ की ओर से शार्टेज, वेतन विसंगति और अन्य 4 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू की गई प्रदेशव्यापी बेमियादी हड़ताल पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश की 2058 समितियों के 10 हजार से अधिक कर्मचारी पिछले कई दिनों से हड़ताल पर थे, जिससे धान खरीद व्यवस्था प्रभावित होने लगी थी।

इसी बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सहकारी समितियों के हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि धान खरीदी जैसे आवश्यक कार्यों में बाधा स्वीकार्य नहीं है, इसलिए कर्मचारी तुरंत प्रभाव से काम पर लौटें।
सरकार के इस कदम के बाद हड़ताली कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। एस्मा लागू होने के चलते अब काम से इन्कार करने पर निलंबन, बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी अवधि (15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026) में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सहकारी समिति कर्मचारी संगठन सरकार के फैसले के बाद आंदोलन समाप्त कर कार्य पर लौटता है या टकराव और बढ़ता है।
पढ़िए जारी आदेश……
