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बिलासपुर

छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष पर भव्य आयोजन, फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा एवं टीवी सीरियल के शक्तिमान मुकेश खन्ना रहे मुख्य अतिथि

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में एसटी/एससी/ओबीसी इंप्लॉई काउंसिल एसईसीएल, बिलासपुर द्वारा एसईसीएल कॉलोनी बांसद विहार स्थित टैगोर सभागार में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा, भीष्मपितामह और शक्तिमान जैसे आइकोनिक किरदारों से देशभर में पहचान बनाने वाले अभिनेता मुकेश खन्ना तथा छत्तीसगढ़ी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिलाने की लड़ाई लड़ने वाले वरिष्ठ साहित्यकार पं. नंदकिशोर शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभिनेत्री जयाप्रदा ने कहा कि जीवन में कोई भी उपलब्धि बिना संघर्ष के संभव नहीं है। संघर्ष ही सफलता की असली पहचान है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती के अवसर पर इस धरती पर आना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को राज्य की राजभाषा का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मातृभाषा में भावों को व्यक्त करना सहज होता है।


जयाप्रदा ने अपने संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि आंध्र प्रदेश से मुंबई जाकर भाषा की वजह से उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन वहां के निर्देशकों और निर्माताओं के सहयोग से उन्होंने अभिनय सीखा और 294 फिल्मों में काम किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से भरपूर राज्य है, फिर भी यहां के मजदूर आज भी संघर्षरत हैं, इस ओर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। अटल बिहारी वाजपेई जैसे दूरदर्शी नेता देश को दोबारा मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस धरती और लोगों के प्रेम ने ही उन्हें जयाप्रदा बनाया है और आवश्यकता पड़ने पर वे परिवार की तरह हमेशा साथ खड़ी रहेंगी।


वहीं अभिनेता मुकेश खन्ना ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई से प्रेरित होकर ही वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को राज्यभाषा का दर्जा मिलना चाहिए। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि आज लोग अपनी मातृभाषा छोड़कर अंग्रेजी को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो दुखद है।

मुकेश खन्ना ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास को याद करते हुए बताया कि वर्ष 2008 में वे प्रदेश आए थे, उस समय रायपुर में सीधी फ्लाइट नहीं थी और नागपुर उतरना पड़ता था। उन्होंने 44 स्कूलों का भ्रमण किया था। इस दौरान भिलाई के पास हुए एक सड़क हादसे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ड्राइवर घायल हुआ था, लेकिन मीडिया में खबर चली कि “शक्तिमान घायल है”। उन्होंने कहा कि आज समाज को हर व्यक्ति में शक्तिमान बनने की जरूरत है। अंत में उन्होंने भीष्मपितामह का प्रसिद्ध संवाद बोलकर पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।


कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शहीदों के परिजन, डॉक्टर, वकील, पुलिसकर्मी, पत्रकार, समाजसेवी सहित अनेक विशिष्टजनों को मेमोंटो, श्रीफल एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और यादगार बन गया।