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बिलासपुर

गरीबों के आशियाने बचाने के लिए जद्दोजेहद : लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन का 40 वां दिन, आंदोलनकारियों ने धरने स्थल पर किया सुंदरकांड का पाठ


बिलासपुर। गरीबों के आशियाने बचाने के लिए चल रहा लिंगियाडीह बचाओ सर्वदलीय महाधरना सोमवार को अपने 40वें दिन में प्रवेश कर गया। इस अवसर पर आंदोलन स्थल पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।


बताया गया कि यह आंदोलन शुरुआत में कुछ परिवारों द्वारा शुरू किया गया था, जो धीरे-धीरे एक विशाल महाधरना का रूप ले चुका है। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को छत्तीसगढ़ भर में व्यापक समर्थन मिल रहा है। इससे पहले आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक अटल श्रीवास्तव और दिलीप लहरिया सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी शामिल हो चुके हैं।

40 वें दिन आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रमोद नायक, अभय नारायण राय, पवन शर्मा, दिलीप पाटिल (वार्ड पार्षद), डॉ. रघु, श्याम मूरत कौशिक, भोलाराम साहू, परसराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी, श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा, डॉ. अशोक शर्मा, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप, टीकम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


आंदोलन में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। सोनबाई गोड़, परमिला वध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, मालती मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मथुरी सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और मोहल्लेवासी मौजूद रहे।


आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस, न्यायपूर्ण और स्थायी निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन अब केवल किसी एक मोहल्ले या वार्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरे शहर के जनसमर्थन का प्रतीक बनता जा रहा है।