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बिलासपुर

लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के 43 वाँ दिन, अनेक राजनीतिक दलो ने दिया समर्थन

बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के 43 वा दिन सभी राजनैतिक दल ने समर्थन दिया बहुजन समाज पार्टी, मार्क्सवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी ,जय जोहार पार्टी, क्रांति सेना पार्टी, एनसीपी, सूर्यवंशी समाज, साहू समाज, यादव समाज, अहिरवार समाज, बाल्मीकि समाज,कुर्मी समाज, एवं अन्य समाज के लोगों समर्थन दिया है आज बिल्हा के पूर्व विधायक सियाराम कोशिश, एवं ब्लाक अध्यक्ष गीताजंली कौशिक ने भी समर्थन दिया

लिंगियाडीह दुर्गा नगर में झुग्गी झोपड़ी हटाने के विरोध में चल रहे धरना आंदोलन में आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गीतांजलि कौशिक तथा पूर्व विधायक सियाराम कौशिक धरना आंदोलन में पहुंच कर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए गीतांजलि कौशिक ने कहा किसी डबल इंजन की सरकार आखिर कर क्या रही है। भाजपा के लोग डबल इंजन की सरकार का गुणगान कर रहे हैं। बार-बार डबल इंजन की सरकार की बात करते हैं लेकिन आखिर यह सरकार कर क्या रही है। किसानों को धान बेचने टोकन के लिए भटक रहे हैं। बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी नहीं दे रही है डबल इंजन की सरकार। महंगाई इतना ज्यादा बढ़ गई है कि महिलाओं के लिए घर चलना मुश्किल हो गया है।

पूर्व विधायक सियाराम कौशिक ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आखिर गरीबों को हटाकर सरकार यहां गार्डन क्यों बनना चाह रही है।  डबल इंजन की सरकार गरीब परिवारों को प्रताड़ित कर रही है लोगों को बेघर कर रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के पदाधिकारी एवं महिलाएं धरना आंदोलन में शामिल हुई।

ज्ञात हो कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी धरना आंदोलन को समर्थन दिया। विधायक अटल श्रीवास्तव,विधायक दिलीप लहरिया भी दुर्गा नगर के गरीब बस्ती को हटाने के विरोध में सड़क पर उतरे हैं। कांग्रेस के सभी पदाधिकारी भी धरना आंदोलन को समर्थन देने पहुंच रहे हैं आज भी काफी संख्या में महिलाएं आंदोलन को समर्थन देने पहुंची।


आंदोलन स्थल पर रविवार को  डॉ. रघु, श्याम मूरत कौशिक ने अपना समर्थन देते हुए कहा कि पूरा समाज आपके साथ है l भोलाराम साहू,परसराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा,डॉ अशोक शर्मा, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप टीकम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

वहीं महिलाओं में सोनबाई गोड़, परमिला वध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, मालती मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मथुरी सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और मोहल्लेवासी शामिल रहे।


आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। लिंगीयाडीह बचाओ आंदोलन अब केवल एक मोहल्ले या वार्ड का नहीं, बल्कि पूरे शहर के जनसमर्थन का प्रतीक बनता जा रहा है।