
बिलासपुर। बिलासपुर में स्पा सेंटर संचालकों से कथित रूप से मासिक अवैध वसूली के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। तत्कालीन एडिशनल एसपी रहे राजेंद्र जायसवाल को निलंबित करने के निर्देश उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने दे दिए थे,जिसके बाद अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वर्तमान में राजेंद्र जायसवाल जीपीएम जिले में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे।
स्पा संचालक की शिकायत से खुला मामला
रिंग रोड नंबर-2 निवासी लोकेश सेन (36 वर्ष), पिता रामकुमार सेन, ने आईजी बिलासपुर को लिखित शिकायत देकर बताया कि वह महाराणा प्रताप चौक स्थित एक्वा वेलनेस प्राइवेट स्पा का संचालन करते हैं। उनकी दूसरी ब्रांच मंगला चौक स्थित 36 मॉल की दूसरी मंजिल पर है। स्पा सेंटर में 14 कर्मचारी कार्यरत हैं और सभी नियमों के तहत संचालन किया जा रहा है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद स्थानीय पुलिसकर्मी उनसे हर महीने पैसे की मांग करते थे। रकम न देने पर बार-बार चेकिंग के नाम पर दबाव बनाया जाता, ग्राहकों के सामने कर्मचारियों से अनावश्यक पूछताछ होती और व्यवसाय को बदनाम करने का प्रयास किया जाता था।
वीडियो में कथित धमकी और दबाव
स्पा संचालक ने शिकायत के साथ एक वीडियो भी सौंपा है, जिसमें वह तत्कालीन एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल के केबिन में बातचीत करते नजर आते हैं। वीडियो में कथित रूप से एडिशनल एसपी यह कहते सुने जा सकते हैं कि:
“जो कमिटमेंट है वो पूरी होनी चाहिए, नहीं तो रेड मारेंगे। तुम्हें बहुत फर्क पड़ेगा।”
जब संचालक ने साफ-सुथरे तरीके से काम करने की बात कही, तो कथित तौर पर एडिशनल एसपी ने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें फटकार लगाई।
केबिन में मौजूद अन्य व्यक्ति भी “सिस्टम फॉलो करने” की बात करते दिखाई देते हैं।
व्हाट्सएप कॉल के स्क्रीनशॉट भी सौंपे
शिकायतकर्ता अमन सेन ने बताया कि यह वीडियो 12 दिसंबर का है और इसके साथ एडिशनल एसपी से हुई कई व्हाट्सएप कॉल के स्क्रीनशॉट भी जांच एजेंसियों को सौंपे गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि दिसंबर के बाद उन्होंने पुलिस को मासिक रकम देना बंद कर दिया, जिसके बाद 6 जनवरी को स्पा सेंटर पर पुलिस ने छापा मारा और उनके भाइयों को रातभर थाने में रखने के बाद जेल भेज दिया गया।
आईजी ने दिए जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह को जांच के निर्देश दिए।
आदेश में कहा गया कि:
वायरल वीडियो
शिकायत आवेदन
पेन ड्राइव में मौजूद साक्ष्य
इन सभी की निष्पक्ष जांच कर 7 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
जांच पूरी होने से पहले ही निलंबन
हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने तत्काल प्रभाव से एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को निलंबित करने के निर्देश दे दिए थे जिसके बाद यह कार्यवाही किया गया है।
प्रशासन की सख्ती का संकेत
यह कार्रवाई राज्य सरकार के उस संदेश को दर्शाती है कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में किसी भी स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएंगे, चाहे आरोपी कितना ही वरिष्ठ अधिकारी क्यों न हो।
