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बिलासपुर

शहर के रिहायशी इलाकों में संचालित गैस गोदाम, बड़ी दुर्घटना का खतरा—विभाग मौन

बिलासपुर। शहर के कई रिहायशी इलाकों में गैस गोदाम संचालित हो रहे हैं, जिससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद संबंधित विभाग इस गंभीर मुद्दे पर मौन दिखाई दे रहा है।

शारदा गैस एजेंसी, मुक्तिधाम,सरकंडा

जानकारी के अनुसार इन गैस गोदामों में आए दिन गैस सिलेंडरों से भरे बड़े ट्रक पहुंचते हैं, जहां लोडिंग–अनलोडिंग का कार्य किया जाता है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस प्रकार ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण और परिवहन बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। स्थानीय लोग लापरवाहीवश आसपास ज्वलनशील कचरा या सामग्री भी फेंक देते हैं, जिससे आग लगने जैसी घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है।

अमर गैस एजेंसी,मगरपारा

शासन की गाइडलाइन के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों में गैस गोदाम संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाती। संभव है कि जब इन गोदामों को अनुमति मिली हो, तब यह क्षेत्र इतनी घनी आबादी वाला न रहा हो। लेकिन वर्तमान में इन इलाकों में बड़ी संख्या में लोग निवास कर रहे हैं। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है, तो भारी जनहानि और संपत्ति का नुकसान हो सकता है।

अमर गैस एजेंसी,मगरपारा

स्थिति की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि सरकंडा, मुक्ति धाम के पास संचालित शारदा गैस एजेंसी के समीप आत्मानंद स्कूल संचालित है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे ही अमर गैस एजेंसी, मगरपारा शहर के मध्य में स्थित है। इसके आस पास कई हॉस्पिटल संचालित है।  अगर कोई बड़ा हादसा हो गया तो हॉस्पिटल भी इसे प्रभावित हो सकती है। शहर में ऐसे कई अन्य गैस एजेंसियां भी है जो आज रिहायशी इलाकों में संचालित हो रही है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाए। गैस गोदामों और सिलेंडर से भरे वाहनों की आवाजाही को शहर के बाहर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।