Loading ...
बिलासपुर

लिंगियाडीह बचाव आंदोलन 94वें दिन भी जारी, धूल में बैठीं सैकड़ों महिलाएं

बिलासपुर। बिलासपुर के लिंगियाडीह दुर्गा नगर क्षेत्र में 138 गरीब परिवारों को बेदखली से बचाने के लिए चल रहा “लिंगियाडीह बचाव आंदोलन” रविवार को 84 वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। आंदोलन के इस लंबे दौर में सैकड़ों महिलाएं धूल में बैठकर प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराती रहीं।

करीब तीन माह से जारी यह आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इसे विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों का समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार सत्ता में आने से पहले गरीबों के हित में बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता मिलने के बाद उन्हीं गरीबों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है।


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लिंगियाडीह के 138 परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। यदि प्रशासन की कार्रवाई जारी रही तो वे सड़क पर आने को मजबूर हो जाएंगे। लोगों ने आरोप लगाया कि गरीबों के घरों को तोड़ा जा रहा है और उन्हें जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए चेतावनी दी कि राहत नहीं मिलने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

धरने में बैठी महिलाओं ने बताया कि पट्टा देने के नाम पर प्रति वर्गफुट 10/ रुपये की दर से राशि वसूली गई, लेकिन आज तक पट्टा नहीं दिया गया। अब मकान तोड़ने के नोटिस थमाए जा रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र पहले ही आवासीय घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद गार्डन और व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के नाम पर गरीबों को हटाने की कोशिश की जा रही है।


धरना आंदोलन में कई वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उपस्थिति दर्ज कर समर्थन दिया। आंदोलन में 100 से अधिक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। आंदोलनकारियों ने घोषणा की है कि जल्द ही सर्वदलीय वृहद आंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों लोग शामिल होकर गरीबों के हक की लड़ाई लड़ेंगे।