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बिलासपुर

“लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन” का 104 वां दिन: मांदर-नगाड़ों के साथ धरना स्थल पर मनाई गई होली


बिलासपुर। बिलासपुर के लिंगियाडीह दुर्गा नगर क्षेत्र में 104 गरीब परिवारों को बेदखली से बचाने के लिए चल रहा “लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन” 104वें दिन भी पूरे जोश और मजबूती के साथ जारी रहा। होली के अवसर पर भी आंदोलनकारियों ने अपना संघर्ष जारी रखते हुए धरना स्थल पर ही मांदर-नगाड़ों की थाप के साथ आपसी भाईचारे और एकजुटता के साथ होली का पर्व मनाया।

जहां एक ओर पूरा शहर होली के रंगों में सराबोर नजर आया, वहीं लिंगियाडीह के प्रभावित परिवार अपने आशियाने को बचाने की जद्दोजहद में धरना स्थल पर डटे रहे। आंदोलन में शामिल महिलाओं और परिवारों ने रंग-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि जब सिर से छत ही छिनने की नौबत आ जाए तो होली और दीपावली जैसे त्योहारों की खुशी भी अधूरी रह जाती है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। महिलाओं का कहना था कि गरीब परिवारों के घर उजाड़कर वहां गार्डन और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना न्यायसंगत नहीं है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि पहले नगर निगम द्वारा पट्टा देने के नाम पर उनसे प्रति वर्गफुट 10 रुपये की दर से राशि ली गई, लेकिन अब तक पट्टा प्रदान नहीं किया गया। इसके उलट अब मकान तोड़ने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे परिवारों में भय और आक्रोश का माहौल है।


सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि बिना उचित पुनर्वास के गरीबों के घरों को उजाड़ना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।

धरना स्थल पर होली के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं, स्थानीय निवासी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित रहे और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।