फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले सहकारी निरीक्षक पर गिरेगी गाज, कलेक्टर कार्यालय ने दिए कार्रवाई के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास) बिलासपुर द्वारा जारी एक हालिया आदेश के अनुसार, सहकारी निरीक्षक गोपाल प्रसाद बिंद के विरुद्ध जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बावजूद पद पर बने रहने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम घुटकू (विकासखंड तखतपुर) के निवासी शंकर कुमार ने जिला प्रशासन के ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गोपाल प्रसाद बिंद ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र का सहारा लेकर सहकारी निरीक्षक का पद प्राप्त किया है।
जांच में प्रमाण पत्र पाया गया अवैध
आदेश पत्र के मुताबिक, उच्च स्तरीय छानबीन समिति (आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर) ने 31 मार्च 2016 को ही एक आदेश जारी कर गोपाल प्रसाद बिंद के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया था। इसके अतिरिक्त, आरोपी द्वारा उच्च न्यायालय में दायर याचिका के खारिज होने के बाद भी वह अब तक अपने पद पर बना हुआ था।
उप पंजीयक को मामला हस्तांतरित
कार्यालय कलेक्टर (आदिवासी विकास) ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण को उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं बिलासपुर को आवश्यक कार्रवाई हेतु हस्तांतरित कर दिया है।
इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर (जनदर्शन शाखा) और शिकायतकर्ता को भी सूचना के लिए भेज दी गई है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी जल्दी ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
आदेश की कॉपी….
