खारंग नदी में अवैध रेत खनन का खौफनाक अंजाम: सुरंग धंसने से 16 वर्षीय किशोर की मौत, बीजेपी- कांग्रेस दोनो ने विभाग की कार्यवाही पर उठाए सवाल

बिलासपुर। जिले में अवैध रेत खनन एक बार फिर जान लेवा साबित हुआ है। रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खारंग नदी में बने सुरंगनुमा गड्ढे के धंसने से 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज सिम्स अस्पताल में जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार, रतनपुर क्षेत्र के गड़वट और सरवन देवरी गांव के पास बुधवार देर रात कुछ मजदूर चोरी-छिपे नदी से रेत निकालने पहुंचे थे। नदी के भीतर पहले से ही गहरे और खतरनाक सुरंगनुमा गड्ढे बने हुए थे। इन्हीं गड्ढों में 16 वर्षीय अमित कश्यप और उसका साथी अमित यादव खुदाई कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि रात करीब 1 बजे एक ट्रैक्टर वहां पहुंचा, जिसके कंपन (वाइब्रेशन) से ऊपर की रेत अचानक धंस गई और दोनों किशोर उसके नीचे दब गए। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने किसी तरह दोनों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने अमित कश्यप को मृत घोषित कर दिया, जबकि अमित यादव का इलाज सिम्स में जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। क्षेत्र की सरपंच शकुंतला काछी ने बताया कि उन्होंने कई बार रतनपुर थाना और जिला प्रशासन को अवैध रेत उत्खनन की शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि जब भी कार्रवाई की टीम निकलती है, उससे पहले ही खनन माफियाओं को सूचना मिल जाती है, जिससे वे बच निकलते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गड़वट और सरवन देवरी के दर्जनों लोग इस अवैध कारोबार में शामिल हैं और अधिकारियों की मिलीभगत से रोजाना नदी का दोहन किया जा रहा है। अवैध खनन के चलते नदी में कई खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं, जो लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं।

इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने हाल ही में कलेक्टर से मुलाकात कर खनिज विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने भी दोषियों पर कार्रवाई और विभाग की भूमिका की जांच की मांग की है।

जिले में बढ़ते अवैध रेत खनन और उस पर नाम मात्र की कार्रवाई को लेकर अब दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भी सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन कोई कड़ी कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा