थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को रक्त उपलब्ध कराने 19 मई को विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन,जज्बा शाहेदा व ख्वाब फाउंडेशन ने स्वैच्छिक रक्तदान के लिए युवाओं से की अपील

बिलासपुर। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को हर 15 से 30 दिनो में ब्लेड की आवश्यकता पड़ती है लेकिन इस भीषण गर्मी मे शहर के लगभग सभी ब्लड बैंक खाली पड़े हुए है।
ऐसे में इन मरीजों की मद्दत के लिए जज्बा फाउंडेशन, शहेदा फाउंडेशन एवम ख्वाब फाउंडेशन सामने आया है। जिनके द्वारा रविवार 19 मई को शहर के इमलीपारा रोड होटल टोपाज मे सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है।
इस शिविर में कलेक्टर अवनीश शरण मुख्य अतिथि के रूप से उपस्थित होकर रक्तदाताओं को प्रोत्साहित रहेंगे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) नीरज चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
जज़्बा फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय मतलानी ने बताया कि बिलासपुर के 180 थैलेसीमिया बच्चों को रक्त की जरूरत पूरा करने के अलावा सिकल सेल के रोगियों के लिए य़ह शिविर उम्मीदो से भरा है। खाली हुए ब्लड बैंकों को भी भरा जाना हैं, इसलिए सदस्यों ने स्वैच्छिक रक्तदान की आम जनता से अपील की है। रक्तदाताओ को शिविर मे हेल्मेट और सर्टिफिकेट के अलावा गारंटी कार्ड दिया जाएगा, जिसे दिखाकर प्रदेश के किसी भी ब्लड बैंक से मरीज़ के लिए ब्लड लिया जा सकता है।
बिलासपुर प्रेस क्लब मे हुए कांफ्रेस मे सदस्यों ने कहा थैलेसीमिया पीड़ितों को मिलने वाला डेसीरॉकस टेबलेट की सरकारी सप्लाई 8 महिने हुए बंद कर दी है।16 सौ क़ीमत की य़ह दवा गरीब परिवारो को खरीदना मुमकिन नही है। इस ओर पत्रकारों का विशेष रूप से ध्यान दिलाया गया।
शाहिद फाउंडेशन के अब्दुल हुसैन ख्वाब वेलफेयर फाउंडेशन के ब्रैंडन डिसूजा ने भी प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि प्रमुख इसका उद्देश्य इस रोग से पीड़ित बच्चों के साथ अन्य जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराना है। भीषण गर्मी मे इस चुनौती को पूरा करने ज़ज्बा सोसायटी के साथ कई सामाजिक संगठन आगे आए है।