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साइकिल से कीचड़ के छींटे पड़े तो सुपरवाइजर ने नाबालिग को जड़ा थप्पड़, बदले में हथौड़े से कर दी हत्या

बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। साइकिल से कीचड़ का पानी उछलकर सुपरवाइजर पर पड़ने से नाराज सुपरवाइजर ने 16 वर्षीय नाबालिग को थप्पड़ मार दिए। नाबालिग इस घटना से इतना नाराज हुआ कि उसने बदला लेने की ठान ली। देर रात निर्माणाधीन साइट पर पहुंचकर सो रहे सुपरवाइजर के सिर पर लोहे के एंगल से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।

गुरुवार सुबह निर्माणाधीन साइट पर खून से सना शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही तोरवा पुलिस के साथ आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से जांच शुरू की। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को एक नाबालिग की स्पष्ट तस्वीर मिली। फुटेज में घटना के दौरान सुपरवाइजर की चीखें भी सुनाई दे रही थीं।



सीसीटीवी ने खोला हत्या का राज

कोतवाली सीएसपी गगन कुमार (आईपीएस) ने बताया कि बिहार के आरा जिले के सोनभठा निवासी नरेश गुप्ता रेलवे ठेकेदार के अधीन सुपरवाइजर के रूप में काम करते थे। वह निर्माणाधीन साइट पर ही रहते और सोते थे। गुरुवार सुबह उनका शव खून से लथपथ हालत में मिला।

जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक नाबालिग संदिग्ध नजर आया। इसके आधार पर पुलिस ने सिरगिट्टी क्षेत्र में उसकी तलाश शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली कि वह शहर से बाहर जाने की तैयारी में है। इससे पहले कि वह फरार हो पाता, पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

कीचड़ के छींटों से शुरू हुआ विवाद

पूछताछ में नाबालिग ने पुलिस को बताया कि बुधवार को वह साइकिल से रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था। इसी दौरान साइकिल के पहिए से उछला कीचड़ का पानी सुपरवाइजर नरेश गुप्ता पर पड़ गया। इस बात को लेकर नरेश ने उसे गालियां दीं और तीन-चार थप्पड़ मार दिए।

नाबालिग के मुताबिक, थप्पड़ मारे जाने के बाद वह बेहद नाराज था और उसने इसका बदला लेने का फैसला किया।

रात में साइट पर पहुंचा और सोते समय किया हमला

पुलिस के अनुसार, रात में नाबालिग दोबारा निर्माणाधीन साइट पर पहुंचा। वहां से उसने लोहे का एंगल उठाया और सो रहे सुपरवाइजर नरेश गुप्ता के सिर पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से नरेश की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद नाबालिग मौके से फरार हो गया।

सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात करीब 20 सेकेंड के भीतर होती दिखाई दे रही है। पुलिस के मुताबिक, हमले के दौरान सुपरवाइजर को संभलने या प्रतिरोध करने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाया। फुटेज में कुछ समय तक उसकी चीखें भी सुनाई देती हैं।

एक दिन पहले ही दिखाई थी बच्चों की तस्वीर

हत्या का शिकार हुए नरेश गुप्ता मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। उनकी पत्नी और दो बच्चे बिहार में ही रहते हैं। बताया गया है कि घटना से ठीक एक दिन पहले नरेश ने बजरंग कंस्ट्रक्शन के संचालक सुनील सिंह को अपने बच्चों की तस्वीर दिखाई थी और जल्द ही घर जाने की बात कही थी।

लेकिन अगले ही दिन उनकी हत्या की खबर सामने आने से निर्माण कंपनी के संचालक और अन्य कर्मचारी भी स्तब्ध रह गए।

पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ पूरी करने के बाद उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।