सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2018 एवं 2021 में अनेक अनियमितता, अभ्यर्थियों का आरोप उसके बाद भी सरकार उनकी सुन नही रही।

बिलासपुर। सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2018 एवं 2021 में अनेक अनियमितता पाई गई है फिर भी भर्ती प्रक्रिया को रद्द नही कर प्रतिभावान योग्य छात्रों की भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ करने जा रही है। सरकार पर आरोप लगते हुए अभ्यर्थियों ने कहा की इस संबंध में अनेक बार सरकार को जानकारी देने के बाद भी उनकी सुनवाई कही नही हो रही है।
पीड़ित अभ्यर्थीयों ने आज प्रेसवार्ता कर निम्नलिखित बिंदु के माध्यम से उक्त भर्ती परीक्षा में सम्बन्धित परीक्षा एजेंसी व्यापम एवं सम्बन्धित विभाग (पुलिस मुख्यालय) के द्वारा की गई भारी अनियमितता व गड़बड़ी के सम्बन्ध मे अपनी बात कही ।
उन्होंने कहा कि इस भर्ती परीक्षा के लिए जारी नियमावली छत्तीसगढ़ असाधारण राजपत्र जारी 24 जुलाई 2021 , के अनुसार प्रमुख रूप से निम्न लिखित नियम थे :-
(A) – विज्ञापित पदो (975) का 20 गुना अभ्यर्थी मेंस परीक्षा के लिए पात्र होंगे
(B) – मुख्य लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों मे से विज्ञापित पदो (975) का 5 गुना अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए पात्र होंगे |
(C) – प्रारंभिक एवं मुख्य लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले ऐसे सभी अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनके अंतिम कट ऑफ वाले अभ्यर्थी के समान अंक होंगे , भले ही यह संख्या विज्ञापित पदो के 20 गुना एवं 5 गुना अभ्यर्थी से अधिक क्यो ना हो जाये|
(D) – प्लाटून कमांडर 247 , जो की महिलाओ के लिए पात्र नहीं था |
(E) – महिलाओ को 30% आरक्षण समस्तर एवं प्रभागवार दिया जायेगा |
(F) – ex- सर्विसमेन को 10% एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी को 5% पद आरक्षित किये गये थे |
(G) – इस भर्ती प्रकिया को चयन समिति के माध्यम से किया जायेगा |
सब इंस्पेक्टर 2021 में हुई अनियमितता (पॉइंट वाइस)
(1) – व्यापम और पुलिस मुख्यालय की अनियमितता के कारण, प्रारंभिक स्टेज पर लगभग 1400 छात्रों और मुख्य परीक्षा स्टेज पर 370 छात्रों को आगे के चरणों के लिए निषेधित कर दिया गया है।यह इसलिए हुआ है क्योंकि उन्होंने प्लाटून कमांडर के रूप में महिला को मान्यता दे दी है, लेकिन राजपत्र के अनुसार वे पात्र नहीं हैं।यही ग़लती उच्च न्यायालय ने भी मानी है।
18/08/2023 तिथि की आदेश पत्र का लिंक है,
https://drive.google.com/file/d/1-FcBTg9Gqk_BYAYJIrozzFTaRbHVOWMF/view?usp=drivesdk
उच्च न्यायालय ने पुलिस विभाग को अनैतिकता हटाने के लिए निर्देशित किया, लेकिन अब तक यह कार्रवाई भी नहीं की गई है।
(2) मुख्य परीक्षा में कुछ छात्रों को उनकी प्रिफरेंस के खिलाफ चयन किया गया है, उदाहरण के लिए कुछ जिन्होंने केवल फॉर्म अप्लाइ करते वक्त कंप्यूटर विभाग में ही आवेदन किए थे, लेकिन उन्हें उस विभाग के बजाय सुबेदार/एसआई/प्लाटून कमांडर लिस्ट/स्पेशल ब्रांच लिस्ट में शामिल किया गया है, जो पूरी तरह अनैतिक है।
यहाँ इस प्रकार के छात्रों का विवरण है…
https://drive.google.com/file/d/1-H2l_FBkBvQkOEXyuXHd0OKZvkHzdx4P/view?usp=drivesdk
(3) किसी भी परीक्षा एजेंसी का दायित्व होता है कि वह परीक्षा आयोजित कर स्कोर कार्ड एवं वर्गवार मेरिट सूची जारी करे किन्तु व्यापम द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर भर्ती मुख्य लिखित परीक्षा दिनांक 26,27 एवं 29 मई 2023 का ना तो स्कोर कार्ड जारी किया और ना ही वर्गवार मेरिट सूची जारी की गयी जबकि व्यापम द्वारा जारी उक्त भर्ती प्रक्रिया हेतु परीक्षा निर्देश में रिजल्ट और मेरिट लिस्ट जारी करने का स्पष्ट उल्लेख है जिसकी प्रति इसके साथ संलग्न है
(4) – व्यापम द्वारा जारी मुख्य लिखित परीक्षा के एमेंडेड मॉडल उत्तर ना जारी करने से कई हजारों विद्यार्थियों के मन में भर्ती प्रक्रिया को लेकर संदेह बना हुआ है।
(5) – मेंस परीक्षा परिणाम जारी करने के सम्बन्ध में व्यापम और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तनतानी जैसे खबरे भी सामने आई थी और पुलिस महानिदेशक द्वारा स्वयं व्यापम ऑफिस आकर बलपूर्वक मुख्य लिखित परीक्षा परिणाम को सील बंद लिफाफे में नियम के विपरीत ले जाया गया । यह खबर एनपीजी न्यूज और व्यापम के द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति से पुष्टि होता है।
https://drive.google.com/file/d/16s810-jdmygvPyo-wazSTx0lcRZzhWwA/view?usp=drivesdk
(6) इसी प्रकार विभागीय कर्मचारी एवं पूर्व सर्विसमेन के क्रमशः 5% एवं 10% नियम का पालन ना कर इन्हे भी मुख्य लिखित परीक्षा मे तथा अब शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल नही किया गया |
(7) मुख्य लिखित परीक्षा परिणाम में समान अंक एवं समान रैंक वाले अभ्यर्थियों को शामिल नही करके ऐसे अभ्यर्थियों को भी शारीरिक दक्षता परीक्षा से वंचित किया गया | चुकी राजपत्र में यह साफ साफ लिखा हुआ है अंतिम विद्यार्थी के बराबर जिस किसी और विद्यार्थी के समान अंक आएंगे वो सब अगले चरण के लिए पात्र होंगे(यह समान अंक होरिजोंटल और वर्टिकल दोनो आरक्षण प्रणाली में लागू होता है)।
(8)माननीय महाधिवक्ता द्वारा माननीय हाई कोर्ट को गुमराह किया जाता है, ( कुछ विद्यार्थी जब हाई कोर्ट में सिर्फ बीना सुनवाई के तारीख पे तारीख मिल रही थी तब निराशा में slp के मदद से सुप्रीम कोर्ट का रुख किए थे जहा माननीय सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को इस नाम से खारिज कर दिया की अभी प्रकरण हाई कोर्ट में लंबित है, लेकिन महाधिवक्ता ने माननीय हाई कोर्ट को गुमराह करते हुए यह बताया की कोर्ट ने हमारा पूरा मुद्दा ही खारिज कर दिया )
(9) भर्ती का 4थे चरण यानी फिजिकल में एक विद्यार्थी को फिजिकल के दौरान 96 मार्क्स दिए गए। (90 मार्क्स इंटरव्यू में क्वालीफाई होने के लिए चाहिए होता है)…लेकिन कुछ दिनों बाद उसे मेसेज कर के phq बुलाया जाता है, वहा उसे दबाबपूर्वक बोला जाता है की उस दिन मार्क्स वितरण में गलती हो गई थी और उन्हें यह बोल के अगले चरण के लिए अपात्र घोषित कर दिया। इसके लिए उस विद्यार्थी ने माननीय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, वहा भी विभाग खाली तारीख पे तारीख मांग रहा है जवाब देने के लिए।
(10)ध्यातव्य रहे कि उक्त भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितता के सम्बन्ध में माननीय उच्च न्यायलय में लगभग 126 से अधिक याचिका लग चुका है किन्तु अभ्यर्थियों को अभी तक किसी भी प्रकार से न्याय नही मिल पाया है | अब विद्यार्थी नाराज़ एवं हताश हो चुके है।
(11) 2018 से शुरू हुई भर्ती 2023 तक पूरी नहीं हो पाई, आखरी SI bharti 2012 मे हुई थी, जिससे कई विद्यार्थी अपने सरकारी भर्ती में अधिकतम उम्र के पड़ाव में है, और साथ ही कई ex service man जिनके उम्र 40 से अधिक हो चुकी है नही उन्हे फिजिकल में किसी प्रकार की छूट दी गई है।
(12) प्रारंभिक लिखित परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के महज 10 दिन में मुख्य लिखित परीक्षा करा दिया गया, पहले तो आप 5 साल तक भर्ती को लटकाए रखते है, फिर चुनाव के चक्कर में भर्ती को इतने रफ्तार से करते है की आप अनियमितता को भी नजर अंदाज कर देते है।