ग्रामीण डाक सेवक संघ अपनी 07सूत्रीय मांगो को लेकर 12 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे

बिलासपुर। अखिल भारतीय डाक सेवा संघ बिलासपुर संभाग अपने 07 सूत्रीय मांगो को लेकर 12 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
संघ के पदाधिकारियों ने आज बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता करते हुए कहा की आज पूरा देश आजादी के 75वे वर्ष पूरे होने पर आजादी महोत्सव मना रहा है। लेकिन ग्रामीण डाक सेवक 170 साल से अपनी सेवा देते आ रहा है और अपनी सेवा देते देते वैसे ही वह रिटायर्ड हो जा रहा है लेकिन उन्हें न पेंशन दी जा रही है न उसे मेडिकल दिया जा रहा है। जो ग्रेजवेटी आजकल दे रहे है वह भी नाम मात्र का दिया जा रहा। पूरे देश में 155 डाक घर है और 1,29,500 शाखा डाक घर है। जहा ग्रामीण डाक सेवक 4 घंटे बैंकिंग का 4 घंटे शाखा के काम पर अपनी सेवाए दे रहे है लेकिन बैंक में काम करने वालो को सरकार लाखो रुपए की सैलरी दे रही है। वही ग्रामीण डाक सेवकों के सिफ 5/- 10/- रुपए कमीशन दिया जा रहा है।
संघ ने केंद्र सरकार से मांग की है की शाखा को 08 घंटे नियमित खोलकर कर्मचारियों से पूरे 08 घंटे काम लिए जाए और उसे कमीशन न दे कर नियमित कर्मचारी की तरह नियमित वेतन दिया जाय।
संघ ने कहा की हम अपनी मांगो को लेकर पिछले 23 सालो से आंदोलनरत है लेकिन सरकार द्वारा हमारी मांगो को सुनी नही जा रही है । पिछली बार सन 2018 में कमलेश चंद कमेटी ने हमारी मांगो को माना था जिसके बाद हमने अपना हड़ताल वापस लिया था लेकिन उन मांगो को लागू आज तक सरकार ने नही किया । जिसके कारण आज फिर हम लोगो को एक बार पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।
ग्रामीण डाक सेवकों की प्रमुख 07 मांगे निम्न है….
1• 8 घंटे काम और पेंशन सहित सभी लाभ प्रदान करें।
2•नियमित कर्मचारियों के समान 11.2016 से टीआरसी (समय संबंधित निरंतरता भत्ता) का 12 24 और 36 वर्ष की सेवा पूरी करने पर तर्कसंगत निर्धारण, वरिष्ठ नागरिको बचिंग के लिए वेटेज वृद्धि, समयबद्ध वित्तीय उन्नयन सहित कमलेश चंद्र समिति की सभी सकारात्मक सिफारिशों का तत्काल कार्यान्वयन
(ए) समूह बीमा कवरेज को 5 लाख रूपये तक बढ़ाना।
बी) विभागीय कर्मचारियों के साथ समानता में जीडीएस ग्रेच्युटी में वृद्धि।
सी) 180 दिनों तक की सवैतनिक छुट्टी को आगे बढ़ाना और उसका नगदीकरण करना।
डी) जीडीएस और उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधाओं का प्रावधान ।
3•जहां भी लागू हो, एसडीबीएस (सेवा निर्वहन लाभ योजना) में जीडीएस और विभाग के योगदान को 3 प्रतिशत से बढाकर 10 प्रतिशत करें और सभी सेवानिवृत्त जीडीएस को तदर्थ पेंशन प्रदान करें।
4• सभी प्रोत्साहन योजनाओं / प्रणालियों को समाप्त करें और जीडीएस द्वारा किए गए सभी कार्यों, जैसे आईपीपीबी, पीएलआई. बचत योजनाएं और एमजीएनआरईजीएस को उनके कार्यभार मूल्यांकन में शामिल करें।
5• समान कार्य / कार्यभार के लिए समान वेतन के सिद्धांतों के तहत 5 घंटे के काम के लिए नियोजित नए कर्मचारियों को कार्यभार के आधार पर वार्षिक वेतन वृद्धि और टीआरसीए जैसे | टीआरसीए देने में सभी भेदभाव समाप्त करे। जीडीएस और नियमित कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि निकालने में एकरूपता सुनिश्चित करें।
6•व्यावसायिक लक्ष्यों के रूप में जीडीएस द्वारा सामना किए जाने वाले सभी प्रकार के उत्पीड़न को रोकें और उन्हें फेसबुक और इस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉमों का पालन करने की उनकी इच्छा या क्षमता के विरुद्ध अपने स्वयं के मोबाइल उपकरणों का उपयोग करने के लिए मजबूर करें।
7•सेवाओं को बढ़ाने और तेज करने के लिए सभी शाखा कार्यालयों (बीओ) को लैपटॉप, प्रिंटर और ब्राडबैंड नेटवर्क पहुंच प्रदान करें।