• इस असाधारण चुनाव में देश की असाधारण परिस्थित में असाधारण पहल की जरूरत – योगेंद्र यादव •भारत जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव आज बिलासपुर पहुंचे

बिलासपुर। यह एक असाधारण चुनाव है। इस असाधारण चुनाव में देश की असाधारण परिस्थित में असाधारण पहल की जरूरत है। और वह पहल है “भारत जोड़ो अभियान”। उक्त बांतें आज बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान भारत जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव ने कही।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव असाधारण इसलिए है, क्योंकि आज चुनावी प्रक्रिया और व्यवस्था है वह असाधारण है। यह चुनाव हर 5 सालो में होने वाली चुनाव सिर्फ नही है। इस चुनाव में दाव क्या लगा है? इस चुनाव में दाव पर इस देश का भविष्य लगा है। 1977 के चुनाव में दाव था की भारत में लोकतंत्र बचा रहेगा की नही। लेकिन आज जो स्थिति है वो उससे भी खतरनाक है। यह आज लोकतंत्र के साथ अपने सविधान के वर्तमान स्वरूप को बचा पाएगा की भी नही । एक कदम जाकर मै और बड़ी बात कहने जा रह कि भारत का स्वधर्म बचा रहेगा की भी नही। इस वक्त इन सब पर खतरा है। सविधानिक प्रक्रिया का इस्तेमाल करके देश के उच्च पद पर बैठे लोग जब देश तोड़ने की कोशिश करते है वो सबसे खतरनाक चीज है।

उन्होंने कहा कि चुनाव से एक सप्ताह से पहले चुनाव आयोग इस्तीफा दे देते है। फिर दो- दो चुनाव आयोग नियुक्त कर दिए जाते है। जिससे आप एक ही निष्कर्ष निकाल सकते है कि कुछ ऐसा काम करने को कहा गया होगा जो 2 माह बाद मुख्य चुनाव आयुक्त बनने वाला व्यक्ति उससे पहले अपना इस्तीफा दे दिया। आज फेक न्यूज कौन सा है सरकार तय करेगी, चुनाव से पहले विपक्षी पार्टी का एकाउंट फ्रीज कर दिया गया, 30 साल पुराने इनकम टैक्स फाइल खुलवाये जा रहे है। दो – दो प्रदेश के मुख्यमंत्री को जेल भेज दे रहे है। चुनाव से पहले प्रत्याशी को चुनाव लडने से पहले विथ ड्रा करा दिया जा रहा। ये क्या हो रहा?? ऐसा पहले हमने कभी नही देखा। चुनाव हो गया 11 दिन बाद तक चुनाव आयोग आकड़े नही दे पा रहा कितने प्रतिशत मतदान हुए।

उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में इससे ज्यादा अन फ्री और अन फेयर चुनाव कभी भी नही हुए। याद रखिए जब जब इस देश में तानाशाही का जिक्र होता है तो लोग कहते है कहा का तानाशाही। लोकतंत्र में चुनाव नियमित होता है लेकिन परिणाम सुनिश्चित होता है। आज 2024 का चुनाव उसी दिशा में जा रही है।

आज बीजेपी पिछले 10 सालो से सत्ता में है। लेकिन लोकतंत्र की मर्यादा कहती है कि हमने यह काम किया.. आगे हम ये ये काम और करेंगे..इस विषय की लेकर चुनावी मैदान में जाया जाय लेकिन इन मुद्दा पर बहस नही करेंगे। ये सिर्फ यह कहते है कि हमने बहुत कुछ किया है आगे भी बहुत कुछ करेंगे। इनके एक स्टार प्रचारक/प्रधानमंत्री बांसवाड़ा में 20 करोड़ लोगो को घुसपौठिया बता रहे है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र को बीजेपी हिंदू, मुस्लिम लीक का मेनिफेस्टो बोल रहा। और एक लड़की ने जब कहा कि वोट देना जिहाद है इस बात को मोदी जी ने पकड़ कर 5 मिनट का बयान दे डाले लेकिन उसने महगाई ,बेरोजगारी पर आज तक कुछ नही बोला। आज अमेरिका का अखबार अपने राष्ट्रपति के बारे में फ्रंट पेज पर लिख सकता है,लेकिन भारत में यह स्थिति नही रही। जिस देश में ग्रेजवेट युवाओं का बेरोजगारी दर 42% हो और मीडिया और सरकार में उसकी चर्चा न हो तो उसे आप क्या कहेंगे ? आज किन किसानो की आय दुगनी हुई। आज महंगाई का क्या हाल है, लेकिन किसी भी मुद्दे की आज चर्चा नही हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस सब षड्यंत्रों के वावजूद भी हिंदुस्तान की जनता खड़ी हो गई है, आज 400 पार कह कह कर ये पूरे देश में चर्चा का मुद्दा बना रहे। यह धूल में लठ मारने वाली स्थिति है। ये 420 का खेल खेल रहे है।
आज जो सर्वे देख रहे है वे सब टेलीफोन से हो रहे है, कोई सड़क पर जाकर नही किया। लेकिन ग्राउंड लेवल में आम आदमी में अग्निवीर योजना, बेरोजगारी ,महंगाई को लेकर जबरदस्त गुस्सा है। राजस्थान में काटे की लड़ाई है। हरियाणा में इस वक्त बीजेपी के प्रत्याशियों को गांव में घुसने नही दिया जा रहा क्योंकि ये किसान आंदोलन में उन्हें आतंकवादी कहा था। यहां आधे आधे का चुनाव है। उत्तरप्रदेश में पश्चिमी उत्तरप्रदेश में बीजेपी नही बड़ रही। लखनऊ से बनारस तक गया । इस बार चुनाव का सबसे सरप्राइस उत्तरप्रदेश से आ रहा। इस वक्त उत्तर प्रदेश में बीजेपी के वोटर खिसक रहे है। कर्नाटक का चुनाव पलट चुका है, यहां बीजेपी एक – एक सीट के लिए मोहताज है। महाराष्ट्र, बिहार, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश में 10 – 10 सीट हार रही है। तो वे कहा से अपनी सीट बड़ा रहे है। आज पहली बार गांव के लोग तानाशाही शब्द का प्रयोग कर रहे है। बीजेपी के समर्थक भी आज दबी जबान से यह सब बोल रहे है। आज पब्लिक सर उठा रही है। ये जो हो रहा ठीक नही हो रहा ये लोगो के जहन में आज आ रहा है । इसलिए मैं जनता से अपील करने आया हूं कि जो कुछ आप करे आप अपने तक सीमित न रखे बोले, चर्चा करे ये बात सड़क पर बोली जानी चाहिए। ये चुनाव करवट बदल रहा है सर्फ एक धक्के की जरूरत है।