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बिलासपुर

शासकीय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एनटीपीसी सीपत के सीएसआर मद की राशि से विकसित अति आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया उद्घाटन

बिलासपुर। कोनी स्थित कुमार साहब दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में रविवार को एनटीपीसी सीपत के सीएसआर मद की राशि से विकसित आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा लोकार्पण किया गया।

एनटीपीसी सीपत के CSR मद से लगभग 4.27 करोड़ रुपये की राशि से शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में स्थापित अत्याधुनिक रक्त कोष, माइक्रोबायोलॉजी लैब, हार्मोन लैब एवं एआई-आधारित माइक्रोस्कोपी का निर्माण कराया गया था। जिसका उद्घाटन आवासन एवं शहरी कार्य  राज्य मंत्री,भारत सरकार तोखन साहू द्वारा रविवार को की गई।

यह रक्त केंद्र छत्तीसगढ़ का अपनी तरह का पहला अत्याधुनिक ब्लड बैंक है, जिसमें एडवांस्ड मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे जांच एवं उपचार सेवाएं और बेहतर होंगी।

इसके साथ ही सिम्स, बिलासपुर द्वारा 2.92 करोड़ रुपये की सीएसआर राशि से खरीदी गई मशीनों का लोकार्पण किया गया तथा एनटीपीसी सीपत एवं सिम्स के मध्य मशीनों के हस्तांतरण से संबंधित औपचारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया।

इस वित्तीय सहायता से सिम्स द्वारा लगभग 8 विभागों के लिए कुल 26 मशीनें खरीदी गई हैं, जिनमें हाई-एंड कलर डॉप्लर, ऑटोमैटिक केमिल्यूमिनेसेंस, एचपीएलसी, सी-आर्म, ओटी टेबल, डेंटल चेयर, मॉर्चुरी फ्रीजर, एमओ2 फ्रैक्शनल लेजर सिस्टम तथा एसीटी मशीन जैसी महत्वपूर्ण मशीनें शामिल हैं।



कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में धरमलाल कौशिक, माननीय विधायक, बिल्हा  अमर अग्रवाल, विधायक, बिलासपुर; श्रीमती पूजा विधानी महापौर, बिलासपुर; राजेश सूर्यवंशी, अध्यक्ष, जिला पंचायत, बिलासपुर; संजय अग्रवाल, आईएएस, कलेक्टर, बिलासपुर; तथा एनटीपीसी सीपत से स्वपन कुमार मंडल, परियोजना प्रमुख, रमणेश मूर्ति,डीन, सिम्स, बिलासपुर, डॉ. भानु प्रताप सिंह, निदेशक, प्रोफेसर एवं मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल,  लखन सिंह, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सिम्स, जयप्रकाश सत्यकाम, विभागाध्यक्ष, मानव संसाधन, एनटीपीसी सीपत, भवनीश समन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एनटीपीसी सीपत एवं अन्य एनटीपीसी सीपत के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू जी ने एनटीपीसी सीपत का आभार व्यक्त कर धन्यवाद दिया और इस पहल को छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान बताया। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी सीपत द्वारा सीएसआर के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में किया गया यह सहयोग सराहनीय है, जिससे राज्य में चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ होंगी। अत्याधुनिक ब्लड बैंक, उन्नत लैब सुविधाओं एवं आधुनिक उपकरणों से मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध होगा और इस प्रकार की पहलें जनसेवा के साथ-साथ विकास को गति देती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन स्वास्थ्य सुविधाओं से बिलासपुर सहित आसपास के सभी क्षेत्रों के लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा।

डॉ. भानु प्रताप सिंह, निदेशक, प्रोफेसर एवं मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, ने सभी उपस्थित अतिथियों को जानकारी देते हुए बताया कि यह रक्त केंद्र डॉक्टरों और टेक्नीशियंस को प्रशिक्षित करने के लिए एक अल्ट्रा मॉडर्न ब्लड बैंक है, जिसमें पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत कर ऑनलाइन की गई है। इससे जांच में पारदर्शिता बनी रहेगी और मरीजों तथा मॉनिटरिंग सिस्टम के बीच बेहतर इंटरफेस संभव होगा।


उन्होंने बताया कि इस ब्लड बैंक में एसडीपी (Single Donor Platelet) की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसके माध्यम से कैंसर, डेंगू एवं अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को एक ही डोनर से प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ ही, अस्पताल में एफ़ेरेसिस मशीन, उन्नत माइक्रोबायोलॉजी उपकरणों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित माइक्रोस्कोप के माध्यम से सामान्य रक्त जांच के साथ-साथ ब्लड कैंसर जैसी जटिल बीमारियों की भी सटीक एवं त्वरित जांच संभव हो सकेगी। ऐसी मशीनें देश के कुछ चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध हैं।

श्री रमणेश मूर्ति,डीन, सिम्स ने कहा कि  एनटीपीसी सीपत की सहायता से कई महत्वपूर्ण मशीनें अस्पताल में स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से जटिल बीमारियों की जांच और उपचार अब स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा, जिससे मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।

इस अवसर पर उपस्थित सभी जनों ने एनटीपीसी सीपत के सीएसआर कार्यों की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त होंगी।

उल्लेखनीय है कि यह पहल एनटीपीसी सीपत की सामुदायिक विकास और सार्वजनिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके माध्यम से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।