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बिलासपुरस्वास्थ्य

सड़क हादसे में गंभीर युवती की मौत, डॉक्टरो पर लापरवाही का परिजनो ने लगाया आरोप

बिलासपुर। कोटा के पास सड़क हादसे में घायल युवती के परिजनों के द्वारा दो अक्टूबर को बिलासपुर के मंगला चौक स्थित श्री साई अस्पताल में 24 सितंबर को युवती को भर्ती कराया गया था। इस दौरान डॉक्टरों ने सारे इलाज आयुष्मान कार्ड से होने की बात परिजन से कही थी और 2 अक्टूबर सुबह तक युवती की हालत को सामान्य बताया जा रहा था लेकिन दोपहर होते-होते अचानक युवती की मौत होने की खबरें परिजन को दी गई।


इस खबर के बाद युवती के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया इतना ही नहीं अस्पताल को पूरी तरह बंद करने की बात कहने लगे। इस दौरान परिजनो ने डॉक्टरों की तलाश अस्पताल के कोने कोने में करते रहे लेकिन शुक्रर है कि इस दौरान हॉस्पिटल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे।

इस पूरे बवाल के एक घंटे बाद सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। जो बड़ी मसकत के बाद परिजनों को शांत कराया। लेकिन परिजन हॉस्पिटल के डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग पुलिस से लगातार करते रहे । काफी समय तक समझाइस देने एवम कार्यवाही करने के आश्वासन देने पर परिजन वहा से गए।

अब सवाल यह खड़ा होता है कि इतने बड़े हॉस्पिटल में मरीजों के इलाज करने एक भी डॉक्टर वहां मौजूद क्यों नहीं थे ?
क्या? लोगों के ईलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

अब देखना होगा कि इस पूरे हंगामे के बाद एवम श्री साई अस्पताल में एक भी डॉक्टर की मौजूदगी नहीं होने पर क्या स्वास्थ्य विभाग इस पर कोई कार्यवाही करती है या फिर मामला  यह भी मामला सेटलमेंट कर दिया जायेगा।