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बिलासपुर

फाइल गुम होने पर भड़का युवक, बादाम फेंककर जताया विरोध

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी दफ्तर की सुस्त कार्यप्रणाली से परेशान एक युवक ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। नामांतरण (नेम ट्रांसफर) की फाइल गायब होने से नाराज युवक आधा किलो बादाम लेकर दफ्तर पहुंच गया और अधिकारी की टेबल पर फेंकते हुए तंज कस दिया—
“इसे खाइए, जब याद आ जाए तो मुझे बता दीजिए।”
क्या है पूरा मामला?

क्या है पूरा मामला?

तिफरा क्षेत्र निवासी तरुण साहू ने लगभग एक साल पहले EWS श्रेणी का फ्लैट रिसेल में खरीदा था। रजिस्ट्री के बाद उन्होंने अभिलाषा परिसर, तिफरा स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में नामांतरण के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए। सामान्यतः यह प्रक्रिया 1 से 2 महीने में पूरी हो जाती है, लेकिन 7 महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब तरुण ने दोबारा कार्यालय जाकर जानकारी ली, तो उप संपदा अधिकारी पूनम बंजारे ने बताया कि नामांतरण हो चुका है, लेकिन फाइल नहीं मिल रही है।


50 चक्कर, फिर भी नहीं मिला समाधान


पीड़ित युवक के मुताबिक वह पिछले 6 महीनों में 50 से अधिक बार दफ्तर के चक्कर लगा चुका है। हर बार उसे यही जवाब मिला—
फाइल खो गई है” या “मिल नहीं रही है।”
लगातार टालमटोल से परेशान होकर 17 अप्रैल को उसने विरोध का यह अनोखा तरीका अपनाया।

अधिकारी ने लगाई अभद्रता की शिकायत

दूसरी ओर, हाउसिंग बोर्ड की अधिकारी बंजारे ने युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि:युवक ने कार्यालय में आकर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। टेबल पर बादाम फेंककर अपमानित किया। बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग की। यह घटना तीसरी बार हुई है।उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब आगे क्या?

यह मामला अब दो पहलुओं में बंट गया है—एक तरफ प्रशासनिक लापरवाही और फाइल गुम होने का सवाल
दूसरी तरफ युवक के व्यवहार को लेकर शिकायत
अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी किस पर कार्रवाई करते हैं— क्या युवक को न्याय मिलेगा? या फिर उसके खिलाफ ही कार्रवाई होगी?

यह घटना सरकारी दफ्तरों की धीमी कार्यप्रणाली और आम नागरिक की बढ़ती निराशा को उजागर करती है। साथ ही यह भी दिखाती है कि विरोध का तरीका अगर सीमा पार कर जाए, तो मामला उल्टा भी पड़ सकता है।