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बिलासपुरमनोरंजनशिक्षा

पंचलाइट कहानी का 12वां नाट्य मंचन डी.पी. विप्र महाविद्यालय में

बिलासपुर। स्थानीय डी.पी. विप्र महाविद्यालय मे शनिवार को इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़, नाट्य विभाग द्वारा ‘‘पंचलाइट‘‘ कहानी का नाट्य रूपान्तरण किया गया। प्रस्तुत कहानी का नाट्य रूपान्तरण श्री रंजीत कपूर, निर्देशक डॉ. योगेन्द्र चौबे, सह निर्देशक धीरज सोनी द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  अनुराग शुक्ला, अध्यक्ष, डी.पी. विप्र महाविद्यालय एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती सुमिता शुक्ला, जी.बी. मेंम्बर राकेश खरे, श्रीमती किरण वाजपेयी, सतीश दुबे, जयेश पटेल, अरूण दाबड़कर रहे। प्रभारी प्राचार्य डॉ. मनीष तिवारी ने अपने स्वागत उद्बोधन में आगन्तुक सभी अतिथितियों का स्वागत एवं कृतज्ञता व्यक्त किया।

अनुराग शुक्ला ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि साहित्यिक विधा के नाट्य मंचन के माध्यम से विद्यार्थियों में कला के प्रति जागरूकता उत्पन्न होगी तथा वे इनसे प्रेरणा ले सकेंगे। ज्ञातव्य हो कि आंचलिक कथाकार फणीश्वरनाथ रेणू कृत पंचलाइट कहानी संग्रह ‘ठुमरी‘ से उद्घृत है। यह बिहार के ग्रामीण परिवेश पर आधारित कहानी है जिसमें नायक गोधन एवं नायिका मुंनरी की प्रेम कहानी है। प्रस्तुत कहानी के माध्यम से रेणू जी ने सामाजिक स्थिति का सजीव-यथार्थ चित्रण किया है।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आभा तिवारी एवं आभार प्रदर्शन प्रो. ए.श्रीराम ने किया। कार्यक्रम में डॉ. संजय कुमार तिवारी, डॉ. एम.एल. जायसवाल, डॉ. विवेक अम्बलकर, डॉ. आशीष शर्मा, प्रो. निधीश चौबे, डॉ. शिखा पहारे, प्रो. तोषिमा मिश्रा, प्रो. विश्वास विक्टर, डॉ. ऋचा हाण्डा, डॉ. सुरूचि मिश्रा, डॉ. किरण दुबे,  प्रो. यूपेश कुमार, प्रो. रूपेन्द्र शर्मा, प्रो. लोकेश कुमार वर्मा, प्रो. सुचित दुबे, एन.सी.सी., एन.एस.एस. एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राएॅ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।