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बिलासपुरस्वास्थ्य

जायसवाल क्लिनिक, देवरीखुर्द में हो रहा होम्योपैथिक डिग्री से एलोपैथिक इलाज, बिना डिग्री के इलाज कर ये खेल रहे है मासूम लोगों की जिंदगी से, स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से धड़ल्ले से संचालित हो रहा है अवैध क्लीनिक, झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले बुलंद

बिलासपुर। गांव तो गांव अब शहर में भी झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार हो गई है। शहर के आउटर में ये अपनी क्लीनिक खोलकर बड़े मजे से अपनी दुकानदारी चला रहे है।

क्लीनिक

इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास न कोई डिग्री है ,न इनके पास क्लीनिक चलाने की कोई योग्यता फिर भी ये अपनी क्लीनिक खोल कर बड़ी बड़ी बीमारियों का इलाज का दावा कर लोगो को बेवकूफ बनाकर लूट रहे है,और उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे है।

ऐसा ही एक क्लिनिक देवरीखुर्द मेन रोड पर जायसवाल क्लिनिक के नाम से संचालित हो रहा है। जिसके पास BHMS की डिग्री है एवं जिसका रजिस्ट्रेशन 19/10/2023 में लेप्स भी हो चुका है लेकिन ये बड़े मजे से एलोपैथिक इलाज करता हुआ देखा जा सकता है। बाकायदा उनके क्लीनिक में मरीज को एडमिट कर बॉटल भी चढ़ाया जा रहा है। बड़े बड़े गंभीर बीमारियों का ये अपने क्लीनिक में एलोपैथिक इलाज कर रहे है । वही अपने क्लीनिक के बगल में ये एक मेडिकल दुकान भी खुलवा रखा है ताकि इनकी दुकानदारी बढ़िया से चले और कमीशन भी मिले।

जब हमारी टीम ने इनसे एलोपैथिक इलाज के बारे में डिग्री दिखाने की बात कही तो इन्होंने कहा कि उनकी लड़की BMS है वही एलोपैथिक इलाज करती है। तब हमने कहा कि यहां तो आप बैठ कर लोगो इलाज कर रहे हैं,कोई बात नहीं उनकी कोई डिग्री हो तो वह दिखा दीजिए क्योंकि यहां डिस्पले में तो सिर्फ आप की डिग्री लगी हुई है, यदि अंदर कही रखे हो तो वह दिखा दीजिए पर वह दिखा नहीं पाए। बस गोल मोल बातों को घूमाते रहे।

आज इसी तरह आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक डिग्री लेकर गांव गांव में कुछ लोग अपनी क्लीनिक खोलकर एलोपैथिक इलाज कर रहे है। और ग्रामीण मासूम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे है। स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन को चाहिए कि समय समय पर छापेमार कार्यवाही कर ऐसे क्लीनिकों को बंद कराए ताकि ये झोलाछाप डॉक्टर इलाज के नाम पर मासूम ग्रामीणों के जीवन से खिलवाड़ न कर सके।