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बिलासपुरस्वास्थ्य

स्टेट लेवल मेडिकल-लीगल सेमिनार का आयोजन: डॉक्टरों को दी जाएगी कानूनी जागरूकता

बिलासपुर। इलाज के दौरान कई बार डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। अक्सर देखा जाता है कि डॉक्टरों को पर्याप्त कानूनी जानकारी न होने के कारण वे कोर्ट में आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिससे वे अनजाने में बड़ी कानूनी परेशानियों में फंस जाते हैं।


इन्हीं महत्वपूर्ण विषयों को ध्यान में रखते हुए एक स्टेट लेवल मेडिकल-लीगल सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें चिकित्सा और विधि विशेषज्ञ डॉक्टरों को आवश्यक कानूनी सावधानियों एवं सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी देंगे।

सेमिनार का उद्देश्य

सेमिनार में निम्न विषयों पर विशेष चर्चा होगी—
इमरजेंसी केस में डॉक्टरों द्वारा बरती जाने वाली कानूनी सावधानियां
मेडिकल डॉक्यूमेंटेशन का महत्व और कोर्ट में उसकी वैधता
मरीज या परिजनों द्वारा उत्पन्न विवाद की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया
मारपीट या हिंसक परिस्थिति में डॉक्टर अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें
अस्पताल प्रबंधन की कानूनी जिम्मेदारियां
आयोजन की जानकारी

यह कार्यक्रम KIMS Hospital, CV Raman University एवं Indian Medical Association (IMA बिलासपुर) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है।
सेमिनार रविवार, 22 फरवरी को Hotel Courtyard में आयोजित होगा।

प्रमुख वक्ता एवं अतिथि


सेमिनार में चिकित्सा एवं विधि क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे, जिनमें शामिल हैं—

डॉ. रवि शेखर – डायरेक्टर, सिम्स हॉस्पिटल
अरविंद कुमार तिवारी – रजिस्ट्रार, CV Raman University
राम गोपाल गर्ग – आईजी, बिलासपुर
शशांक ठाकुर – एडीजी, हाई कोर्ट, बिलासपुर
न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी – रिटायर्ड जस्टिस, हाई कोर्ट
डॉ. सुधा राम – KIMS Hospital
डॉ. संगीता शर्मा
डॉ. संजना तिवारी
डॉ. शशिकांत साहू
डॉ. प्रमोद जयसवाल – Indian Medical Association (IMA)
सुनील ओटवानी – एडवोकेट
आशुतोष सिंह – एडवोकेट
डॉ. आशुतोष कुमार गुप्ता – Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital (मेकाहारा, रायपुर)
डॉ. कमलेश मौर्य – डायरेक्टर, मार्क हॉस्पिटल
अभ्युदय – एडवोकेट
डॉ. नितिन जुनेजा


उपरोक्त सभी चिकित्सा एवं विधि विशेषज्ञ सेमिनार में डॉक्टरों को मेडिकल-लीगल विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

क्यों है यह सेमिनार महत्वपूर्ण?

मेडिकल क्षेत्र में बढ़ते विवादों और कानूनी चुनौतियों को देखते हुए यह सेमिनार डॉक्टरों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इससे उन्हें न केवल कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक उपाय भी सीखने को मिलेंगे।

आयोजकों के अनुसार, सेमिनार का उद्देश्य डॉक्टरों को सशक्त बनाना और चिकित्सा सेवाओं को सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाना है, ताकि मरीज और डॉक्टर के बीच विश्वास का वातावरण मजबूत हो सके।