
बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर जिला चिकित्सालय में कार्यरत दो स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पर अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से दवाइयों, ग्लव्स और फॉर्म जमा करने के नाम पर अवैध रूप से पैसों की मांग करने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, जिला हॉस्पिटल में कार्यरत श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्रीमती संजू चौरसिया (दोनों स्टाफ नर्स) के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वे प्रसव हितग्राहियों से विभिन्न कार्यों के बदले पैसों की मांग कर रही थीं। इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य के रूप में सामने आया था, जिससे विभाग की छवि धूमिल हो रही थी।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा दी गई रिपोर्ट और वीडियो साक्ष्यों की जांच के बाद, संभागीय संयुक्त संचालक (स्वास्थ्य सेवायें) ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण एवं वर्गीकरण) नियम 1965 के विपरीत माना।
आदेश के मुख्य बिंदु
निलंबन: दोनों स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यालय: निलंबन की अवधि के दौरान इनका मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, बिलासपुर निर्धारित किया गया है।
प्रतिबंध: सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी
भत्ता: नियमानुसार उन्हें निलंबन अवधि के दौरान जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
यह आदेश संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, बिलासपुर संभाग द्वारा आज दिनांक 25 फरवरी 2026 को जारी किया गया है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
