
बिलासपुर (कोटा)। शासकीय राशि के गबन के मामले में कोटा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे शिक्षा विभाग के कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर करीब 29.62 लाख रुपये के गबन का आरोप है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना कोटा में प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि शिक्षा विभाग में पदस्थ कर्मचारी देवेंद्र कुमार पालके और नवल सिंह पैकरा ने शासकीय पद पर रहते हुए वेतन से संबंधित कूट रचना कर राशि का अवैध आहरण किया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सितंबर 2024 से फरवरी 2025 तक 25,04,422 रुपये,मार्च 2025 से नवंबर 2025 तक 4,57,800 रुपये। इस तरह कुल 29,62,222 रुपये का गबन किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई।
लगातार साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी देवेंद्र कुमार पालके (38 वर्ष), निवासी धरमपुरा, करगी रोड कोटा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, मामले का दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक नरेश चौहान, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव और आरक्षक धर्मेंद्र साहू की विशेष भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि शासकीय धन के दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।