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प्रेस कॉन्फ्रेंसबिलासपुर

15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था यह दुनिया का सबसे बड़ा झूठ है :प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक:पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

बिलासपुर। राष्ट्रीय चिंतक एवं लेखक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी शुक्रवार को गीता प्रेस का उद्घाटन करने बिलासपुर पहुंचे। इस दौरान वे अपने विचार रखे और मीडिया से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र और देश में बहुत फर्क होता है। कुछ कथाकथित लोगो के द्वारा पिछले कुछ समय से देश के 140 करोड़ जनता से झूठ बोला जा रहा है। यहां राम पर सवाल किए जा रहे है, राम के जन्म पर सवाल किए जा रहे है, राम के होने पर सवाल किए जा रहे है। 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ था यह दुनिया का सबसे बड़ा झूठ है। न भारत के न ब्रिटेन के आधिकारिक रिकॉर्ड में इसकी कोई प्रमाण मिलता है । आजादी नहीं सत्ता का स्थानांतरण हुआ है। हम इस सत्ता के स्थानांतरण को आजादी समझ बैठे है।

इंडियन स्टेट मतलब सत्ता के सभी अंग जो पिछले 70 सालों से राष्ट्र के खिलाफ काम कर रही है। ये न हिंदू राष्ट का मामला है, न हिंदुत्व का मामला है ,यह एक राष्ट्र का मामला है । राष्ट को समझने के लिए लोगो में समझ नहीं है इसलिए लोग कुछ भी परिभाषा दे रहे है। लेकिन मेरा मानना यह है कि दुनिया में जितने भी देश है उन देशों की सत्ता ने उन देशों की मान्यताओं और परंपराओं को ध्यान में रखकर अपने देश का कानून बनाया है। लेकिन हमारे यह जितनी भी कानूने बनी है ,हमारी मान्यताएं परंपराओं से बिल्कुल अलग है। आप अपना घर 1 एकड़ में मनाए या 100 एकड़ में बनाए लेकिन घर की मर्यादा मिस्त्री या ठेकेदार तय नहीं करेगा। ये उस घर का मालिक तय करेगा।


उन्होंने कहा कि मुस्लिम, सिख,ईसाई,पारसी जैन आदि जितने भी अल्प संख्यक धर्म के लोग है। सभी अपने धार्मिक स्थलों के चढ़ावे का नियंत्रण स्वयं रखते है लेकिन हिन्दू मंदिरों  के चढ़ावे में सरकार का नियंत्रण है। इस पर कोई सवाल क्यों नहीं करता। सरकार कहती है हेट स्पीच नहीं होनी चाहिए पर हेट स्पीच क्या है? इसको परिभाषित कौन करेगा। जब दिल्ली की नूपुर शर्मा एक डिबेट में कुरान की आयत पढ़कर सुनती है तो हेट स्पीच कह दिया जाता है। वही ज्ञान व्यापी मंदिर में जहां 90 फीट की शिवलिंग मिलती उसे मौलवी ज्ञानवापी मस्जित कहता है उसे कोई कुछ नहीं कहता । वे 500 साल पुराने है तो बेचारे हो गए । हमारे राम हजारों वर्ष पुराने है तो हमसे उनका सर्टिफिकेट पूछ रहे हो। यहां हिंदुओं से राम को राम होने का प्रमाण मांगा जाता है।

उन्होंने एक पत्रकार के सवाल पर कहा कि इतिहास का पुनर्गठन जरूरी है। आज हम सब वही पढ़ रहे है जो अंग्रेज छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि अगर आपको मुंबई जाना है और आप दिल्ली की फ्लाइट पकड़ लिए है तो  पायलट पर गुस्सा करने की जरूरत नहीं आपकी वापस पीछे आना पड़ेगा।

धर्मांतरण के विषय पर कहा कि धर्मांतरण शब्द ही गलत है “धर्म” का अर्थ है “कर्तव्य” । धर्मांतरण कभी होता ही नहीं। मतो का अंतर होता है। व्यक्ति का मत बदल जाता है,जो कभी मंदिर जाता था वो अब मस्जिद जाने लगा है। धर्म किसी का कैसे बदल सकती है?

उन्होंने कहा कि कानून बनाने से सब ठीक हो जाती तब तो कानून बनाने के बाद राम राज्य आ जानी चाहिए। जब तक आप ठीक नहीं होंगे राष्ट ठीक नहीं होगा । आप सरकार से चाहते है कि सब कुछ सरकार ठीक कर दे।