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प्रेस कॉन्फ्रेंसबिलासपुर

बिजली बिल हॉफ योजना बंद करना जनता पर अत्याचार : कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा – साय सरकार के फैसले से प्रदेश की जनता परेशान, आंदोलन करेगी पार्टी

बिलासपुर। भाजपा शासित साय सरकार द्वारा बिजली बिल हॉफ योजना को बंद किए जाने के निर्णय को कांग्रेस ने जनता पर सीधा अत्याचार करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यह फैसला जनविरोधी है और इससे प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह इस फैसले के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।

जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष (शहर) विजय पांडेय एवं ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आज कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने बिजली बिल हॉफ योजना लागू की थी, जिससे राज्य के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली थी। यह योजना विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जारी रही और लगभग हर उपभोक्ता को 40 से 50 हजार रुपये तक की बचत हुई थी।

वर्तमान साय सरकार ने अब इस योजना का लाभ केवल 100 यूनिट तक सीमित कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना से बाहर हो गए हैं। सबसे बड़ा झटका यह है कि 100 यूनिट से अधिक खपत करने वालों को अब पूरी खपत पर पूरा बिल देना पड़ेगा, उन्हें पहले 100 यूनिट की भी छूट नहीं मिलेगी।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ साल में बिजली दरों में चार बार वृद्धि की गई है। घरेलू बिजली दरों में 80 पैसे प्रति यूनिट तक का इजाफा हो चुका है। इसके अलावा कृषि पंपों की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद से बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या आम हो गई है। कांग्रेस शासनकाल में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होती थी, और जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों से बिजली खरीदी जाती थी।

पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना बढ़ाया गया है, रेलवे का मालभाड़ा भी बढ़ा है, और थर्मल पॉवर प्लांट को अडानी समूह से महंगे दामों पर कोयला खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके चलते उत्पादन लागत बढ़ी है, जिसका सीधा बोझ जनता पर डाला जा रहा है।

स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर को लेकर भी कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को अनाप-शनाप बिल भेजे जा रहे हैं और अब अडानी की कंपनी के प्रीपेड मीटर लगाए जाने की तैयारी की जा रही है, जो जनता को लूटने की साजिश है।

कांग्रेस ने सवाल उठाया – “कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी, फिर भी हमें महंगी बिजली क्यों?” उन्होंने कहा कि सरकार को अपने इस जनविरोधी फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।