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शाबास बिलासपुर पुलिस : 13 लाख 33 हजार की लूट के आरोपियों को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लूट की रकम 11 लाख 70 हजार भी बरामद किया

बिलासपुर : दयालबंद स्थित बिजली ऑफिस (एटीपी सेंटर ) में सोमवार ,शाम 7 बजे हुई डकैती को पुलिस ने महज कुछ ही घंटो के भीतर सुलझा कर बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। साथ ही पकड़े गए आरोपियों के पास से लूट की गई रकम में से 11 लाख 70 हज़ार रुपये भी पुलिस ने बरामद करने में सफलता पाई है।

आज देर शाम इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी श्रीमती पारुल माथुर ने बताया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पूर्व लाइनमैन निकला है, जिसका एक्सीडेंट के बाद दोनो पैर काम नहीं कर रहे थे जिसके कारण से उसे नौकरी छोड़नी पड़ी थी। उसे पैसे के कलेक्शन के संबंध में पूरी जानकारी थी,इसीलिए उसने यह डकैती की योजना बनाई।

(जांच टीम के सभी सदस्य)

उन्होंने बताया कि रोज की तरह एटीपी सेंटर में बिजली बिल कनेक्शन के बाद ऑपरेटर वीरेंद्र सोनवानी कैश गिन रहा था। उसी समय मुख्य आरोपी पिंटू यादव उम्र 60 वर्ष कमरे में आया और जब देखा कि वीरेंद्र सोनवानी कमरे में अकेले पैसे गिन रहा है तो बाहर निकल कर अपने अन्य साथियों को इशारा किया जो इशारा पाते है कमरे में प्रवेश किए जो कि नकाबपोश थे जिन्होंने नकली पिस्तौल दिखा कर चाकू की नोक पर बिजली बिल की जमा रकम 13 लाख 33 हज़ार लूट कर भाग निकले।

उन लोगों ने वीरेंद्र सोनवानी को बेहोश करने के लिए उसे कोई केमिकल लगा कपड़ा भी सुंघाया लेकिन इससे जब वह बेहोश नहीं हुआ तो उसे चाकू की नोक पर जमीन पर लेटने को विवश किया । लुटेरों के भागने के बाद ऑपरेटर ने इस घटना की सूचना पहले अपने मामा और फिर 112 को कॉल करके दिया।

एसएसपीआई श्रीमती पारुल माथुर ने शहर के बीचों बीच मुख्य सड़क पर हुई इस तरह की लूट की घटना को बड़ी गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच में घटना के मास्टर माइंड एवम मुख्य आरोपी पिंटू यादव को ही सबसे पहले शक के आधार पर पकड़ कर कड़ाई से पूछताछ की गई जिससे इस पूरी प्लान का खुलासा हो गया।

आरोपियों ने इस पूरे घटना को अंजाम देने का प्लान 15 दिन पहले ही बनाया था लूट के मुख्य आरोपी पिंटू यादव को जानकारी थी कि शाम को पैसे कलेक्शन के समय ATP सेंटर में लोग नही रहते साथ ही बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि को रकम ज्यादा रहती है इसलिए लूट का यह प्लान सोमवार को किया गया । मुख्य आरोपी के दोनो पैर काम नही करते है इसलिए उन्होंने अपने इस प्लान में 05 अन्य लोगो को शामिल किया और इस घटना को अंजाम दिया।

लूट के बाद सभी आरोपियों ने लूट की रकम को नारियल कोठी ,मधुबन श्मशान घाट में बैठकर आपस में बराबर बटवारा किया । वही ऑपरेटर के लूटे गए पर्स एवम अन्य सामना को वही मधुबन के पीछे स्थित झाड़ियों में फेंक दिया। था उसके लुटे हुए मोबाइल को नदी में फेंक दिया गया।पुलिस ने इस मामले में करबला में रहने वाले 60 वर्षीय पिंटू यादव, मधुबन रोड में रहने वाले विक्की सिंह, मंगल सिंह गोड़, शिखा वाटिका मधुबन निवासी राजा गोड़ और शुभम बैस को गिरफ्तार किया है, इनका एक नाबालिक साथी भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इनके पास से लूट की रकम में से 11 लाख 70 हज़ार रुपये बरामद कर लिया है। वही इनका एक साथी धर्मेंद्र यादव शेष रकम लेकर फरार है , जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

पुलिस टीम की इस पूरी कार्यवाही में निरीक्षक प्रदीप आर्य, निरीक्षक हरविंद्र सिंह, उनि रविन्द्र यादव, उनि मनीष कांत, उनि यूएन शांत साहू, सउनि विजय राठौर, सउनि गुलाब पटेल, सउनि भानू पात्रे सउनि जीवन साहू, प्रआर फरकेट्टा, निर्मल सिंह, पृहुम सिंह, बलबीर सिंह, नरेंद्र उपाध्यय और प्रेम सूर्यवंशी, कमलेश सूर्याशी, अजय सम रंजीत खाण्डे, रजीत खरे, मनोज साहू, रवि शर्मा, दीपक केरकेट्टा विरेन्द्र राजपूत, रवि राजपूर मार्ग धर्मवीर सिंह, विवेक राय, दीपक उपाध्याय, रामलाल सोनवानी सत्ता कुमार पाटले, प्रशांत सिह की विशेष भूमिका रही।