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बिलासपुर

बिलासपुर का ‘बादाम कांड’ बना सुर्खियों का केंद्र: वायरल वीडियो से मिली गुम फाइल, महिला अधिकारी मुख्यालय अटैच

बिलासपुर। न्यायधानी में चर्चित “बादाम कांड” ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर जहां वायरल वीडियो से मची फजीहत के बाद एक साल से गायब नामांतरण की फाइल मिल गई, वहीं दूसरी ओर संबंधित महिला सहायक संपदा अधिकारी ने युवक के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला?

तिफरा स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में नामांतरण की प्रक्रिया लंबित होने से परेशान तरुण साहू ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। युवक कार्यालय पहुंचा और महिला अधिकारी की टेबल पर बादाम फेंकते हुए कहा कि “इसे खाइए और जब याद आ जाए तो फाइल ढूंढ लीजिए।”
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया।

वायरल वीडियो का असर: मिल गई गुम फाइल

वीडियो के वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि शनिवार को अवकाश के दिन भी कार्यालय खोला गया और पूरे स्टाफ को फाइल खोजने में लगाया गया।

आखिरकार, करीब एक साल से गायब नामांतरण फाइल मिल गई। इस दौरान उप आयुक्त भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे।

महिला अधिकारी की शिकायत

मामले में नया मोड़ तब आया जब महिला सहायक संपदा अधिकारी ने एसएसपी से शिकायत करते हुए युवक पर आरोप लगाए कि—कार्यालय में घुसकर अभद्र व्यवहार किया गया। मानसिक उत्पीड़न किया गया,बिना अनुमति वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया,रिश्वत के झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब की गई।उन्होंने इस कृत्य को असंवैधानिक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासनिक कार्यवाही

वायरल वीडियो से हुई किरकिरी के बाद शासन ने संबंधित महिला सहायक संपदा अधिकारी को मुख्यालय अटैच कर दिया है।

उठते सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—
जब फाइल मिल गई, तो क्या एक साल में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी हुई?

क्या आवेदक का “गांधीगिरी” वाला विरोध उचित था?
या फिर महिला अधिकारी की शिकायत जायज है?
फिलहाल, “बादाम कांड” ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली, जवाबदेही और आम नागरिक की परेशानी—तीनों पर बहस छेड़ दी है।

आदेश…….